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देश की व्यवस्था पूंजीपतियों के हाथ में
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Tue, 28 Apr 2015 11:23 PM IST
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नगर क्षेत्र के सोनीधापा इंटर कालेज के मैदान में मंगलवार को बामसेफ भारत मुक्ति मोर्चा का जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि देश की पूरी राजनैतिक व्यवस्था पूंजीपतियों के हाथ में है।
मुख्य अतिथि राजरतन अंबेडकर ओबीसी की जाति आधारित जनगणना न कराना यहां की पूंजीपतियों की साजिश है। यह सरकार मतोें द्वारा नही बल्कि ईवीएम कि कमाल से सत्ता में आई।
विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश ठाकुर ने कहा कि अपने समाज के लोगों में भी ब्राह्मणवाद घुसा है। इस देश में लोहियाजी का विचार मर गया है। प्रोफेसर आरआर इंडियन ने कहा कि पद्दोन्नति में आरक्षण हमारा मौलिक अधिकार है।
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पूर्व मंत्री फौजदार राय ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ी जाति के लोगों को एक महासंघ बनाकर असली आजादी की लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है।
अरविंद मूर्ति ने कहा कि यहां जो आर्थिक नीतियां हैं, वह देश को बर्बाद कर रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विकास चौधरी ने कहा कि आज आवश्यकता है भारतीय संविधान के अनुरूप समता, बंधुता एवं स्वतंत्रता लागू कराने हेतु हमें जागरूक होने की।
ऊषा भारती ने कहा कि इस देश को बौद्धमय भारत की परिकल्पना करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाने की बात कही। इस मौके पर मुख्य रुप से रामविलास भारती, बाबूराम, राजेश्वर खरवार, दीनदयाल, मोतीलाल,श्रवण यादव, सुबाषचंद यादव, सुशील कुमार मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि राजरतन अंबेडकर ओबीसी की जाति आधारित जनगणना न कराना यहां की पूंजीपतियों की साजिश है। यह सरकार मतोें द्वारा नही बल्कि ईवीएम कि कमाल से सत्ता में आई।
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विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश ठाकुर ने कहा कि अपने समाज के लोगों में भी ब्राह्मणवाद घुसा है। इस देश में लोहियाजी का विचार मर गया है। प्रोफेसर आरआर इंडियन ने कहा कि पद्दोन्नति में आरक्षण हमारा मौलिक अधिकार है।
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पूर्व मंत्री फौजदार राय ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ी जाति के लोगों को एक महासंघ बनाकर असली आजादी की लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है।
अरविंद मूर्ति ने कहा कि यहां जो आर्थिक नीतियां हैं, वह देश को बर्बाद कर रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विकास चौधरी ने कहा कि आज आवश्यकता है भारतीय संविधान के अनुरूप समता, बंधुता एवं स्वतंत्रता लागू कराने हेतु हमें जागरूक होने की।
ऊषा भारती ने कहा कि इस देश को बौद्धमय भारत की परिकल्पना करते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाने की बात कही। इस मौके पर मुख्य रुप से रामविलास भारती, बाबूराम, राजेश्वर खरवार, दीनदयाल, मोतीलाल,श्रवण यादव, सुबाषचंद यादव, सुशील कुमार मौजूद रहे।