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बच्चों के टीके की सुस्त गति पकड़ने लगी रफ्तार
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मऊ। जिले में बच्चों के टीकाकरण का ग्राफ एक बार फिर से अपनी गति में आ गया है। सप्ताह में दो दिन जिले के 270 केंद्रों पर टीकाकरण में 20 हजार से ज्यादा बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। संक्रमण की दूसरी लहर के चलते टीकाकरण का ग्राफ प्रभावित हो गया था। लेकिन अब स्थिति सामान्य होने पर पहली की तरह होती दिख रही है।
जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि जिले में नवजात से लेकर 15 वर्ष तक बच्चों को समय-समय पर बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हैं। इनमें बीसीजी, डीपीटी, पोलियो और खसरे के अलावा कई अन्य टीके शामिल हैं। बताया कि संक्रमण की दूसरी लहर से यह टीकाकरण पर प्रभाव दिखा। कोरोना संक्रमण के बावजूद 150 से ज्यादा केंद्रों पर टीकाकरण जारी रहा, लेकिन लाभार्थियों की संख्या 10 हजार से नीचे रही। जबकि कोरोना संक्रमण से पूर्व हर माह 20 हजार से ज्यादा बच्चों का टीकाकरण इन केंद्रों पर होता रहा।
छूटे टीकाकरण को लेकर रहे जागरूक
मऊ। जिला प्रतीरक्षण अधिकारी बताते है कि बीसीजी का टीका 0 से 28 दिन के भीतर लग जाना चाहिए। किसी वजह से वह समय पर टीकाकरण नहीं करा पाया है। उसके बाद भी संबंधित लाभार्थी जब भी बाद में आता है तो बीसीजी के टीका पेंटा, आईपीडी, ओपीवी आदि टीका जो कि डेढ़ माह में लगता है, उसे एक साथ दे दिया जाएगा। बताया कि सप्ताह बुधवार तथा शनिवार को केंद्रों पर तैनात टीकाकर्मी की ड्यूटी कहीं नहीं लगाई जा रही है। जिससे अधिक से अधिक संख्या मे बच्चों का टीकाकरण हो सके।
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जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि जिले में नवजात से लेकर 15 वर्ष तक बच्चों को समय-समय पर बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हैं। इनमें बीसीजी, डीपीटी, पोलियो और खसरे के अलावा कई अन्य टीके शामिल हैं। बताया कि संक्रमण की दूसरी लहर से यह टीकाकरण पर प्रभाव दिखा। कोरोना संक्रमण के बावजूद 150 से ज्यादा केंद्रों पर टीकाकरण जारी रहा, लेकिन लाभार्थियों की संख्या 10 हजार से नीचे रही। जबकि कोरोना संक्रमण से पूर्व हर माह 20 हजार से ज्यादा बच्चों का टीकाकरण इन केंद्रों पर होता रहा।
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छूटे टीकाकरण को लेकर रहे जागरूक
मऊ। जिला प्रतीरक्षण अधिकारी बताते है कि बीसीजी का टीका 0 से 28 दिन के भीतर लग जाना चाहिए। किसी वजह से वह समय पर टीकाकरण नहीं करा पाया है। उसके बाद भी संबंधित लाभार्थी जब भी बाद में आता है तो बीसीजी के टीका पेंटा, आईपीडी, ओपीवी आदि टीका जो कि डेढ़ माह में लगता है, उसे एक साथ दे दिया जाएगा। बताया कि सप्ताह बुधवार तथा शनिवार को केंद्रों पर तैनात टीकाकर्मी की ड्यूटी कहीं नहीं लगाई जा रही है। जिससे अधिक से अधिक संख्या मे बच्चों का टीकाकरण हो सके।
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