{"_id":"615897cf8ebc3e0a28379e63","slug":"the-sequence-of-boom-continues-in-tamsa-water-logging-in-low-lying-areas-mau-news-vns6150322188","type":"story","status":"publish","title_hn":"तमसा में उफान का क्रम जारी, निचले इलाकों में जलजमाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तमसा में उफान का क्रम जारी, निचले इलाकों में जलजमाव
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मऊ। तमसा नदी के जलस्तर में वृद्धि तथा दूसरे दिन शनिवार को सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश अपराह्न बाद जारी रहने से नगर के निचले मुहल्लों के लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। नगरपालिका प्रशासन की तरफ से नगर के निचले इलाकों में जमे पानी को निकालने के लिए 10 पंपिंगसेट लगाए गए थे। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में आठ सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि नदी खतरा बिंदु से 1.16 मीटर नीचे बह रही थी। लगातार दूसरे दिन भी बारिश के चलते नालों का पानी सड़कों पर बहने लगा।
जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से चोक नाले-नालियों के कारण कई इलाकों में घरों और दुकानों में भी पानी भर गया। कई रास्तों में कई फीट भरे पानी के बीच से लोगों को गुजरना पड़ा। वहीं खेत और खलिहान भी लबालब भर गए। सरकारी दफ्तरों से लेकर अस्पतालों तक में पानी घुस गया।
परदहां ब्लाक क्षेत्र के वनदेवी धाम के पास स्थित नर्सरी के सामने शनिवार की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे तेज बारिश के कारण एक विशालकाय बबूल का पेड़ सड़क पर गिर गया।जिसके कारण पिपरीडीह बढुआगोदाम मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया। वनकर्मियों के घंटो मशक्कत के बाद विशालकाय पेड़ को काटकर हटाया। लगातार बारिश के चलते मधुबन थाना क्षेत्र के नेवादा गोपालपुर निवासी एक व्यक्ति का पक्का मकान गिर गया। जिसमेें पुत्र और मां दोनों दब गए। आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत कर बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया।
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तमसा नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि जारी रहने से नगरवासियों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में आठ सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शनिवार को नदी का जलस्तर 66.20 मीटर रहा। शुक्रवार को 66.12 मीटर रहा। जबकि खतरा बिंदु 67.36 मीटर है।तमसा के जलस्तर में आए उफान के चलते शहर क्षेत्र के भीटी से लेकर बंधा मार्ग के किनारे निर्मित मकान पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। ढेकुलिया घाट स्थित शवदाह स्थल भी पूरी तरह से डूब गया है।
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार का कहना था कि नगर में जलजमाव न हो इसके लिए 10 पंपिग सेटों के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है। एक और पंपिगसेट मंगाया जा रहा है। नदी में आए उफान को देखते हुए सभी रेगुलेटर बंद कर दिए गए हैं। तमसा नदी में आए उफान तथा दूसरे दिन भी भारी बारिश का कहर जारी रहने से नगर के इमिलिया मुहल्ला, निजामुद्दीनपुरा, बुनकर कालोनी, औरंगाबाद, रघुनाथपुरा कल्याण सागर, ब्रह्मस्थान, मठियाटोला, मुंशीपुरा, सहादतपुरा, घासबाजार, मलिकटोला, न्याजपुरा, हट्ठीमदारी सहित निचले इलाकों के मुहल्लों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित रहा।
लोग घरों में घुसे पानी को निकालते नजर आए। झमाझम बारिश के कारण आम लोगों के साथ-साथ मरीजों और उनके तीमारदारों को भी खासी मशक्कत झेलनी पड़ी। मूसलाधार हुई बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर सहित सभी सरकारी कार्यालय परिसर में पानी भर गया। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को पानी से होकर आना जाना पड़ रहा था।
विद्युुत तार टूटने से दहशत
मऊ। नगर के भीटी-बहादुरगंज मार्ग पर दलित बस्ती के पास विद्युत तार टूट कर जमीन पर गिर गया है। इससे लोग दहशत मेें जी रहे हैं। इस संबंध में सुरेंद्र पांडेय, अमरनाथ मिश्र, ऋषिकेश पांडेय, बृजेश पांडेय, अंचल दुबे, उत्कर्ष मिश्रा, सुरेंद्र पांडेय, शैलेंद्र कुमार पांडेय, जवाहर गुप्ता, विनोद गुप्ता, बिहारी गुप्ता, राजेश उपाध्याय का कहना था कि विद्युत तार टूटने के बाद भी विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
बाजारों में रहा सन्नाटा की स्थिति:
मऊ। लगातार दूसरे दिन बारिश का क्रम जारी रहने से तेज बारिश के चलते पटरी दुकानदारों पर असर पड़ा। चाय के लिए लोग तरस जा रहे थे। बारिश तथा दो अक्तूबर यानि गांधी जयंती के चलते बाजारों में सन्नाटा की स्थिति रही। लोग घरों में दुबके रहे।
जलभराव से नर्सरी में दो लाख मूल्य के पौधे नष्ट
मऊ। तमसा नदी के जलस्तर बढ़ने तथा लगातार हो रही बारिश से जलभराव से नगर के बल्लीपुरा स्थित एक नर्सरी में दो लाख रुपये से अधिक मूल्य के पौधे डूबकर नष्ट हो गए। नर्सरी संचालक योगेंद्र कुमार का कहना था कि नर्सरी में दो लाख रुपये के पौधे डूबकर नष्ट होने से लागत ही डूब गई। अब कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
देर रात तक बंधे पर चलता रहा मरम्मत कार्य
मऊ। नगर के सुरक्षा बंधा पर बमघाट के पास कटने के बाद शुक्रवार की देर रात तक मरम्मत कार्य चलता रहा। इस दौरान नगरपालिका चेयरमैन तैयब पालकी, उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर, अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार सहित आला अधिकारी मरम्मत कार्य का जायजा लेते रहे। ईओ दिनेश कुमार का कहना था कि मरम्मत कार्य करा दिया गया है।
दुबारी संवाददाता के अनुसार लगातार बारिश के चलते मधुबन थाना क्षेत्र के नेवादा गोपालपुर निवासी हरिओम पासवान पुत्र प्रेम पासवान का पक्का मकान गिर गया। जिसमें हरिओम (25) और मां कलिंदी देवी (50) नीचे दब गए। घटना की सूूूूूूूूूूूूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने दोनों को निकाल कर दोनों घायलों को दुबारी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मकान गिरने से लोग खुुले में जीवन यापन करने को विवश हैं।
दोहरीघाट। सरयू नदी के जलस्तर में कई दिनों से हो रहे घटाव के बाद 24 घंटे से जलस्तर स्थिर है। जलस्तर स्थिर होने से तटवर्ती इलाके के लोग सहमे हुए हैं। लोगों को चिंता सताने लगी है कि कही इस समय हो रही बारिश से जलस्तर फिर न बढ़ने लगे। जलस्तर घटने से नदी के तटवर्ती इलाकों में हो रही कटान में भी कमी आ रही है।
हालांकि लोगों को अपने भविष्य को लेकर काफी चिंता है कि बाढ़ के पानी से सड़कर जो फसलें बर्बाद हो गई है। उनका मुआवजा यदि सरकार ने नहीं दिया तो परिवार का भरण पोषण कैसे होगा। नदी में आई बाढ़ से लगभग दो महीने तक तटवर्ती इलाकों में पानी जमा होने से धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊटीडांड, हरधौली, लामी, तारनपुर, कादीपुर, चकभगवानदास, पतनई, ठाकुरगाव, बीबीपुर, बहादुरपुर सहित आदि गांवो की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है।
गौरीशंकर घाट पर शनिवार को जलस्तर 69.20 मीटर रहा। शुक्रवार को घाघरा नदी का जलस्तर 69.20 मीटर पर था। जलस्तर घटने के बाद भी नगर के ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, शवदाह स्थल, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर, डीह स्थान, डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी सहित अन्य स्थलों पर कटान का खतरा बढ़ गया है।
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जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से चोक नाले-नालियों के कारण कई इलाकों में घरों और दुकानों में भी पानी भर गया। कई रास्तों में कई फीट भरे पानी के बीच से लोगों को गुजरना पड़ा। वहीं खेत और खलिहान भी लबालब भर गए। सरकारी दफ्तरों से लेकर अस्पतालों तक में पानी घुस गया।
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परदहां ब्लाक क्षेत्र के वनदेवी धाम के पास स्थित नर्सरी के सामने शनिवार की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे तेज बारिश के कारण एक विशालकाय बबूल का पेड़ सड़क पर गिर गया।जिसके कारण पिपरीडीह बढुआगोदाम मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया। वनकर्मियों के घंटो मशक्कत के बाद विशालकाय पेड़ को काटकर हटाया। लगातार बारिश के चलते मधुबन थाना क्षेत्र के नेवादा गोपालपुर निवासी एक व्यक्ति का पक्का मकान गिर गया। जिसमेें पुत्र और मां दोनों दब गए। आसपास के लोगों ने कड़ी मशक्कत कर बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया।
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तमसा नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि जारी रहने से नगरवासियों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में आठ सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर पर नजर डाला जाए तो शनिवार को नदी का जलस्तर 66.20 मीटर रहा। शुक्रवार को 66.12 मीटर रहा। जबकि खतरा बिंदु 67.36 मीटर है।तमसा के जलस्तर में आए उफान के चलते शहर क्षेत्र के भीटी से लेकर बंधा मार्ग के किनारे निर्मित मकान पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। ढेकुलिया घाट स्थित शवदाह स्थल भी पूरी तरह से डूब गया है।
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार का कहना था कि नगर में जलजमाव न हो इसके लिए 10 पंपिग सेटों के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है। एक और पंपिगसेट मंगाया जा रहा है। नदी में आए उफान को देखते हुए सभी रेगुलेटर बंद कर दिए गए हैं। तमसा नदी में आए उफान तथा दूसरे दिन भी भारी बारिश का कहर जारी रहने से नगर के इमिलिया मुहल्ला, निजामुद्दीनपुरा, बुनकर कालोनी, औरंगाबाद, रघुनाथपुरा कल्याण सागर, ब्रह्मस्थान, मठियाटोला, मुंशीपुरा, सहादतपुरा, घासबाजार, मलिकटोला, न्याजपुरा, हट्ठीमदारी सहित निचले इलाकों के मुहल्लों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित रहा।
लोग घरों में घुसे पानी को निकालते नजर आए। झमाझम बारिश के कारण आम लोगों के साथ-साथ मरीजों और उनके तीमारदारों को भी खासी मशक्कत झेलनी पड़ी। मूसलाधार हुई बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर सहित सभी सरकारी कार्यालय परिसर में पानी भर गया। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को पानी से होकर आना जाना पड़ रहा था।
विद्युुत तार टूटने से दहशत
मऊ। नगर के भीटी-बहादुरगंज मार्ग पर दलित बस्ती के पास विद्युत तार टूट कर जमीन पर गिर गया है। इससे लोग दहशत मेें जी रहे हैं। इस संबंध में सुरेंद्र पांडेय, अमरनाथ मिश्र, ऋषिकेश पांडेय, बृजेश पांडेय, अंचल दुबे, उत्कर्ष मिश्रा, सुरेंद्र पांडेय, शैलेंद्र कुमार पांडेय, जवाहर गुप्ता, विनोद गुप्ता, बिहारी गुप्ता, राजेश उपाध्याय का कहना था कि विद्युत तार टूटने के बाद भी विभागीय अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
बाजारों में रहा सन्नाटा की स्थिति:
मऊ। लगातार दूसरे दिन बारिश का क्रम जारी रहने से तेज बारिश के चलते पटरी दुकानदारों पर असर पड़ा। चाय के लिए लोग तरस जा रहे थे। बारिश तथा दो अक्तूबर यानि गांधी जयंती के चलते बाजारों में सन्नाटा की स्थिति रही। लोग घरों में दुबके रहे।
जलभराव से नर्सरी में दो लाख मूल्य के पौधे नष्ट
मऊ। तमसा नदी के जलस्तर बढ़ने तथा लगातार हो रही बारिश से जलभराव से नगर के बल्लीपुरा स्थित एक नर्सरी में दो लाख रुपये से अधिक मूल्य के पौधे डूबकर नष्ट हो गए। नर्सरी संचालक योगेंद्र कुमार का कहना था कि नर्सरी में दो लाख रुपये के पौधे डूबकर नष्ट होने से लागत ही डूब गई। अब कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
देर रात तक बंधे पर चलता रहा मरम्मत कार्य
मऊ। नगर के सुरक्षा बंधा पर बमघाट के पास कटने के बाद शुक्रवार की देर रात तक मरम्मत कार्य चलता रहा। इस दौरान नगरपालिका चेयरमैन तैयब पालकी, उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर, अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार सहित आला अधिकारी मरम्मत कार्य का जायजा लेते रहे। ईओ दिनेश कुमार का कहना था कि मरम्मत कार्य करा दिया गया है।
दुबारी संवाददाता के अनुसार लगातार बारिश के चलते मधुबन थाना क्षेत्र के नेवादा गोपालपुर निवासी हरिओम पासवान पुत्र प्रेम पासवान का पक्का मकान गिर गया। जिसमें हरिओम (25) और मां कलिंदी देवी (50) नीचे दब गए। घटना की सूूूूूूूूूूूूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने दोनों को निकाल कर दोनों घायलों को दुबारी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मकान गिरने से लोग खुुले में जीवन यापन करने को विवश हैं।
दोहरीघाट। सरयू नदी के जलस्तर में कई दिनों से हो रहे घटाव के बाद 24 घंटे से जलस्तर स्थिर है। जलस्तर स्थिर होने से तटवर्ती इलाके के लोग सहमे हुए हैं। लोगों को चिंता सताने लगी है कि कही इस समय हो रही बारिश से जलस्तर फिर न बढ़ने लगे। जलस्तर घटने से नदी के तटवर्ती इलाकों में हो रही कटान में भी कमी आ रही है।
हालांकि लोगों को अपने भविष्य को लेकर काफी चिंता है कि बाढ़ के पानी से सड़कर जो फसलें बर्बाद हो गई है। उनका मुआवजा यदि सरकार ने नहीं दिया तो परिवार का भरण पोषण कैसे होगा। नदी में आई बाढ़ से लगभग दो महीने तक तटवर्ती इलाकों में पानी जमा होने से धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊटीडांड, हरधौली, लामी, तारनपुर, कादीपुर, चकभगवानदास, पतनई, ठाकुरगाव, बीबीपुर, बहादुरपुर सहित आदि गांवो की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है।
गौरीशंकर घाट पर शनिवार को जलस्तर 69.20 मीटर रहा। शुक्रवार को घाघरा नदी का जलस्तर 69.20 मीटर पर था। जलस्तर घटने के बाद भी नगर के ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, शवदाह स्थल, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर, डीह स्थान, डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी सहित अन्य स्थलों पर कटान का खतरा बढ़ गया है।