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Mau News: कुंडा शरीफपुर गांव को मधुबन-घोसी से जोड़ने वाली सड़क बदहाल
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कुण्डाशरीफपुर गांव को मधुबन घोसी स्टेट हाइवे मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क बदहाल ।संवाद
मधुबन तहसील क्षेत्र के कुंडा शरीफपुर गांव को मधुबन-घोसी (एसएच-149)मुख्य सड़क से जोड़ने वाली दो किलो मीटर लंबी सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। लोगों ने सीएम को पत्र लिखकर सड़क बनाने की मांग की है।
सड़क की जर्जर हालत के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढे, उबड़-खाबड़ सतह और बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या ने सड़क को लगभग अनुपयोगी बना दिया है।
स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हैं। अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। क्षेत्र के अरविंद सिंह, तारकेश्वर पांडेय, आकाश सिंह, गोविन्द राजभर, लालजी राजभर, प्रदीप कुम्हार ने बताया कि यही सड़क उनकी आवागमन का मुख्य मार्ग है।
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घोसी बाजार, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए इसी रास्ते पर निर्भर है। गड्ढों की वजह से वाहन अक्सर खराब हो जाते हैं और यात्रा में कई घंटे लग जाते हैं।
दो किलोमीटर लंबे मार्ग का साल 2015 में पीच निर्माण कराया गया था। मार्ग के खराब होने के बाद साल 2021 में जिला पंचायत की तरफ से महज 275 मीटर पीच किया गया। अब पीच मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। गांव के दीक्षांत सिंह ने मुख्यमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी दर्ज कराई है।
बजट के अभाव में सड़क का काम पूरा नहीं हो सका है, मार्ग को सही कराने के लिए जल्द ही पहल किया जाएगा। -संतोष कुमार त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत
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सड़क की जर्जर हालत के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढे, उबड़-खाबड़ सतह और बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या ने सड़क को लगभग अनुपयोगी बना दिया है।
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स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हैं। अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। क्षेत्र के अरविंद सिंह, तारकेश्वर पांडेय, आकाश सिंह, गोविन्द राजभर, लालजी राजभर, प्रदीप कुम्हार ने बताया कि यही सड़क उनकी आवागमन का मुख्य मार्ग है।
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घोसी बाजार, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने के लिए इसी रास्ते पर निर्भर है। गड्ढों की वजह से वाहन अक्सर खराब हो जाते हैं और यात्रा में कई घंटे लग जाते हैं।
दो किलोमीटर लंबे मार्ग का साल 2015 में पीच निर्माण कराया गया था। मार्ग के खराब होने के बाद साल 2021 में जिला पंचायत की तरफ से महज 275 मीटर पीच किया गया। अब पीच मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। गांव के दीक्षांत सिंह ने मुख्यमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी दर्ज कराई है।
बजट के अभाव में सड़क का काम पूरा नहीं हो सका है, मार्ग को सही कराने के लिए जल्द ही पहल किया जाएगा। -संतोष कुमार त्रिपाठी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत