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Mau News: फूट रही धान की बालियों के लिए अमृत बनकर गिरीं बारिश की बूंदें
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नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में मंगलवार की सुबह से झमाझम बारिश शुरू हुई। एक तरफ जहां उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। फूट रही धान की फसल के लिए यह बारिश संजीवनी साबित हो रही है। इस समय हो रही बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
जिले में धान की रोपाई का लक्ष्य 88396 हेक्टेयर निर्धारित किया गया था। जुलाई अगस्त माह में बारिश कम होने से 98 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है। सोमवार की रात से ही मौसम में बदलाव दिखा। रात में रुक-रुक कर बारिश होती रही। मंगलवार को तड़के तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। दिन भर मौसम सुहावना रहा। तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 96 प्रतिशत रही। जबकि 11 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। बारिश होने से किसानों के चेहरे पर चमक देखते ही बन रही थी। हालांकि हवा के साथ बारिश होने से लगभग 10 प्रतिशत फसल गिर गई है। किसानों की मानें तो बारिश धान की फसल के लिए वरदान से कम नहीं है। इस वर्ष जून से अब तक हुई बारिश पर नजर डाला जाए तो जून में 32.50 मिमी, जुलाई माह में 89.75 मिमी, अगस्त माह में 88.50 मिमी, सितंबर माह में 75.25 मिमी, अक्तूबर माह में अब तक 10.25 सहित 296.50 मिमी बारिश हुई है। जबकि जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर महीने में होने वाली सामान्य वर्षा 855.8 मिमी के सापेक्ष 2018 में 357.3 मिली लीटर बारिश हुई। जबकि 2019 में 706.6 वहीं 2020 में 542.5 और 2021 में 698.87 मिमी बारिश हुई।
इस संंबंध में ताजोपुर गांव के किसान संतोष कुमार मिश्र, श्यामदेव प्रसाद, शिवबचन यादव, रमेश सिंह का कहना था कि धान की फसल फूट रही है। सिंचाई की जरूरत थी। फसल को लेकर चिंता थी। पर्याप्त नमी होने से धान की फसल अच्छी होने की उम्मीद है। लेकिन तेज हवा के कारण खेत में कहीं-कहीं फसल गिर गई, जबकि पौधों में अभी दाने नहीं आए हैं।
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जिले में धान की रोपाई का लक्ष्य 88396 हेक्टेयर निर्धारित किया गया था। जुलाई अगस्त माह में बारिश कम होने से 98 प्रतिशत ही धान की रोपाई हो पाई है। सोमवार की रात से ही मौसम में बदलाव दिखा। रात में रुक-रुक कर बारिश होती रही। मंगलवार को तड़के तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। दिन भर मौसम सुहावना रहा। तापमान पर नजर डाला जाए तो अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 96 प्रतिशत रही। जबकि 11 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। बारिश होने से किसानों के चेहरे पर चमक देखते ही बन रही थी। हालांकि हवा के साथ बारिश होने से लगभग 10 प्रतिशत फसल गिर गई है। किसानों की मानें तो बारिश धान की फसल के लिए वरदान से कम नहीं है। इस वर्ष जून से अब तक हुई बारिश पर नजर डाला जाए तो जून में 32.50 मिमी, जुलाई माह में 89.75 मिमी, अगस्त माह में 88.50 मिमी, सितंबर माह में 75.25 मिमी, अक्तूबर माह में अब तक 10.25 सहित 296.50 मिमी बारिश हुई है। जबकि जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर महीने में होने वाली सामान्य वर्षा 855.8 मिमी के सापेक्ष 2018 में 357.3 मिली लीटर बारिश हुई। जबकि 2019 में 706.6 वहीं 2020 में 542.5 और 2021 में 698.87 मिमी बारिश हुई।
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इस संंबंध में ताजोपुर गांव के किसान संतोष कुमार मिश्र, श्यामदेव प्रसाद, शिवबचन यादव, रमेश सिंह का कहना था कि धान की फसल फूट रही है। सिंचाई की जरूरत थी। फसल को लेकर चिंता थी। पर्याप्त नमी होने से धान की फसल अच्छी होने की उम्मीद है। लेकिन तेज हवा के कारण खेत में कहीं-कहीं फसल गिर गई, जबकि पौधों में अभी दाने नहीं आए हैं।
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