{"_id":"64ce953045bc0282f208fa54","slug":"the-number-of-eye-flu-patients-is-increasing-rapidly-the-market-for-spectacles-shines-mau-news-c-295-1-svns1028-909-2023-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: तेजी से बढ़ रही आई फ्लू मरीजों की संख्या, चमका चश्मे का बाजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: तेजी से बढ़ रही आई फ्लू मरीजों की संख्या, चमका चश्मे का बाजार
विज्ञापन
बरसात के मौसम में नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में आईफ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी के ओपीडी में आंखों के संक्रमण वाले मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी के कारण चश्मे का बाजार भी चमक गया है।
बाजार में धूपी व अन्य चश्मों की मांग तेजी से बढ़ी है। सामान्य तौर पर बिकने वाले चश्मे भी अब दोगुनी कीमत पर बाजार में बिक रहे हैं। आई ड्रॉप की खपत भी बढ़ी है। हर उम्र के लोग आंखों के बचाव के लिए तरजीह दे रहे हैं, जिससे चश्मा बेचने वालों का कारोबार भी बढ गया है।
जिला अस्पताल की नेत्र विभाग में 250 से अधिक की ओपीडी होती है। जिसमें लगभग 50 प्रतिशत आई फ्लू के मरीज आ रहे हैं। नेत्र सर्जन की मानें तो तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इससे हवा में मौजूद गंदगी आंखों में जा रही है, जिसकी वजह से आंखों में संक्रमण हो रहा है। इसे कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं। इसमें आंखें लाल हो जाती हैं और उनसे पानी गिरने लगता है।
विज्ञापन
अगर यह समस्या ज्यादा दिनों तक रहती है तो रोशनी कमजोर हो जाती है। चिंता की बात यह है कि यह बीमारी एक से दूसरे में तेजी फैलती है। यही कारण है कि स्कूलों में बीमार छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। छात्र एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं और तेजी से उनकी आंखों पर असर पड़ता है।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिन्हा का कहना था कि जिला अस्पताल के नेत्र ओपीडी में लगभग 100 से ज्यादा आईफ्लू के मरीज आ रहे हैं। कंजंक्टिवाइटिस तेजी से फैलता है। इसके वायरस लंबे समय तक सतहों पर रह सकते हैं। संक्रमित सतह दरवाजे की कुंडी, बेडशीट, दरवाजे, तौलिया, रूमाल आदि के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है।
सभी लोगों को इस संक्रमण से बचाव को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। चश्मा दुकानदार राजू का कहना था कि गर्मी में हमेशा चश्मा की बिक्री रहती है, लेकिन आई फ्लू के संक्रमण के चलते चश्मा की बिक्री अचानक 35 से 40 प्रतिशत अधिक बढ़ गई है। हर जगह बीमारी बढ़ने से माल कम मिलने से कीमतों में भी कुछ इजाफा हुआ है। हालांकि गांव देहात में ज्यादा महंगे चश्मे नहीं बिक पा रहे हैं। 50 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के रेंज मेें चश्मे उनके पास उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
बाजार में धूपी व अन्य चश्मों की मांग तेजी से बढ़ी है। सामान्य तौर पर बिकने वाले चश्मे भी अब दोगुनी कीमत पर बाजार में बिक रहे हैं। आई ड्रॉप की खपत भी बढ़ी है। हर उम्र के लोग आंखों के बचाव के लिए तरजीह दे रहे हैं, जिससे चश्मा बेचने वालों का कारोबार भी बढ गया है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की नेत्र विभाग में 250 से अधिक की ओपीडी होती है। जिसमें लगभग 50 प्रतिशत आई फ्लू के मरीज आ रहे हैं। नेत्र सर्जन की मानें तो तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इससे हवा में मौजूद गंदगी आंखों में जा रही है, जिसकी वजह से आंखों में संक्रमण हो रहा है। इसे कंजंक्टिवाइटिस कहते हैं। इसमें आंखें लाल हो जाती हैं और उनसे पानी गिरने लगता है।
विज्ञापन
अगर यह समस्या ज्यादा दिनों तक रहती है तो रोशनी कमजोर हो जाती है। चिंता की बात यह है कि यह बीमारी एक से दूसरे में तेजी फैलती है। यही कारण है कि स्कूलों में बीमार छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। छात्र एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं और तेजी से उनकी आंखों पर असर पड़ता है।
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिन्हा का कहना था कि जिला अस्पताल के नेत्र ओपीडी में लगभग 100 से ज्यादा आईफ्लू के मरीज आ रहे हैं। कंजंक्टिवाइटिस तेजी से फैलता है। इसके वायरस लंबे समय तक सतहों पर रह सकते हैं। संक्रमित सतह दरवाजे की कुंडी, बेडशीट, दरवाजे, तौलिया, रूमाल आदि के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण होने का खतरा अधिक होता है।
सभी लोगों को इस संक्रमण से बचाव को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। चश्मा दुकानदार राजू का कहना था कि गर्मी में हमेशा चश्मा की बिक्री रहती है, लेकिन आई फ्लू के संक्रमण के चलते चश्मा की बिक्री अचानक 35 से 40 प्रतिशत अधिक बढ़ गई है। हर जगह बीमारी बढ़ने से माल कम मिलने से कीमतों में भी कुछ इजाफा हुआ है। हालांकि गांव देहात में ज्यादा महंगे चश्मे नहीं बिक पा रहे हैं। 50 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के रेंज मेें चश्मे उनके पास उपलब्ध हैं।