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मानसिकता सुंदर रहने पर होती है प्रगति
mau
Updated Sat, 02 Jun 2018 12:41 AM IST
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नगर के रोडवेज स्थित एक मैरेज हाल में रामकथा में प्रवचन करते कमलेश जी महराज।
- फोटो : mau
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नगर क्षेत्र के सहादतपुरा मुहल्ले में रोडवेज के पास आशिर्वाद मैरेज हाल में आयोजित संगीतमयी राम कथा में गुरुवार की रात कथा वाचक कमलेश महराज ने भरत के चरित्र का वर्णन कर वर्तमान परिवेश पर प्रहार किया। बोले रामचरित मानस के अयोध्या कांड का नियमित पाठ करने मात्र से मनुष्य को भरत जैसे सहृदय सरस सहज भाई के जीवन चरित्र से अनुकरणीय करने को मिलेगा।
अपनी कथा में उन्होंने भरत के विचारों को संगीतमय तरीके से प्रस्तुत किया। कमलेश महराज ने कहा कि इंद्र पुत्र जयंत ने माता जानकी के पैर में चोंच मार दिया। इस पर प्रभु ने उसे एक नयन होने का श्राप दिया, अर्थात उसे समदृष्टि संभव व समरसता होने का भाव दिया । कमलेश महराज ने मां कौशल्या और भरत के मार्मिक संवाद की ऐसी प्रस्तुति की जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्घालुओं के आंखों से आंसू टपक गए। पूज्य व्यास जी महाराज ने दृष्टांत के माध्यम से संदेश दिया कि जिस परिवार में सभी सदस्यों की सोच व मानसिकता सुंदर रहती है उस परिवार में अकूत संपत्ति रहती है इसके विपरीत नाना प्रकार की विपत्तियां मनुष्य जीवन में आ जाती है।
अंत में मुख्य यजमान रामगोपाल अग्रवाल, चंद्र शेखर अग्रवाल, भारतेंदु मिश्र, संजय वर्मा, डॉ. राम गोपाल, अरुण वर्मा, विजय लक्ष्मी राय, अर्चना वर्मा, गीता गुप्ता, मीरा श्रीवास्तव, मंजू गुप्ता, निर्मला गुप्ता, शंकर अग्रवाल्र, दामोदर दास रहे।
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अपनी कथा में उन्होंने भरत के विचारों को संगीतमय तरीके से प्रस्तुत किया। कमलेश महराज ने कहा कि इंद्र पुत्र जयंत ने माता जानकी के पैर में चोंच मार दिया। इस पर प्रभु ने उसे एक नयन होने का श्राप दिया, अर्थात उसे समदृष्टि संभव व समरसता होने का भाव दिया । कमलेश महराज ने मां कौशल्या और भरत के मार्मिक संवाद की ऐसी प्रस्तुति की जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्घालुओं के आंखों से आंसू टपक गए। पूज्य व्यास जी महाराज ने दृष्टांत के माध्यम से संदेश दिया कि जिस परिवार में सभी सदस्यों की सोच व मानसिकता सुंदर रहती है उस परिवार में अकूत संपत्ति रहती है इसके विपरीत नाना प्रकार की विपत्तियां मनुष्य जीवन में आ जाती है।
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अंत में मुख्य यजमान रामगोपाल अग्रवाल, चंद्र शेखर अग्रवाल, भारतेंदु मिश्र, संजय वर्मा, डॉ. राम गोपाल, अरुण वर्मा, विजय लक्ष्मी राय, अर्चना वर्मा, गीता गुप्ता, मीरा श्रीवास्तव, मंजू गुप्ता, निर्मला गुप्ता, शंकर अग्रवाल्र, दामोदर दास रहे।
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