{"_id":"857944d222da659847dbc5d3df31b429","slug":"the-instructions-to-remove-anm-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएनएम को हटाने का दिया निर्देश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएनएम को हटाने का दिया निर्देश
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sat, 30 May 2015 11:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य पोषण मिशन ने कुपोषण मुक्ति के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को दो-दो गांव कुपोषण मुक्त करने का निर्देश दिया है। इसके तहत जिलाधिकारी ने अपने द्वारा गोद लिए पीउवाताल गांव का शनिवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लापरवाही मिलने पर गांव की एएनएम को निलंबित करने के लिए सीएमओ को निर्देश दिया।
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शनिवार की सुबह पीउवाताल का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्देश दिया कि जितने बच्चे अभी कुपोषित हैं उनके अभिभावकों को बुलाकर उन्हें बताया जाए कि बच्चों को साफ सफाई से भोजन कराएं एवं पोषाहार दें। गांव में कुल 12 बच्चे अतिकुपोषित थे। इनमें तीन बच्चे अतिकुपोषित से कुपोषित की श्रेणी में आ गए हैं एवं एक बच्चा प्रियनंदनी कुपोषित से सामान्य की श्रेणी में आ गया है।
इस प्रकार गांव में 9 बच्चे अतिकुपोषित एवं 3 कुपोषित हैं। गांव में 2008 के बाद एक भी शौचालय स्वीकृत नहीं है। डीएम ने एडीओ पंचायत को निर्देश दिया कि जिसके घर में शौचालय नहीं है उसको प्राथमिकता के आधार पर शौचालय उपलब्ध कराया जाए। गर्भवती महिला संजू का हीमोग्लोबिन जांच करने सहित स्वास्थ्य संबंधित जानकारी न देने पर एएनएम को निलंबित करने का सीएमओ नंदलाल यादव को निर्देश दिया। चिकित्सक को निर्देश दिया कि गांव में जो भी बच्चे अतिकुपोषित हैं उन्हें टीम बनाकर दवा एवं अन्य सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर मुख्य रूप से सीडीओ गिरिजेश कुमार त्यागी, उपजिलाधिकारी घोसी साहबलाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शनिवार की सुबह पीउवाताल का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्देश दिया कि जितने बच्चे अभी कुपोषित हैं उनके अभिभावकों को बुलाकर उन्हें बताया जाए कि बच्चों को साफ सफाई से भोजन कराएं एवं पोषाहार दें। गांव में कुल 12 बच्चे अतिकुपोषित थे। इनमें तीन बच्चे अतिकुपोषित से कुपोषित की श्रेणी में आ गए हैं एवं एक बच्चा प्रियनंदनी कुपोषित से सामान्य की श्रेणी में आ गया है।
विज्ञापन
इस प्रकार गांव में 9 बच्चे अतिकुपोषित एवं 3 कुपोषित हैं। गांव में 2008 के बाद एक भी शौचालय स्वीकृत नहीं है। डीएम ने एडीओ पंचायत को निर्देश दिया कि जिसके घर में शौचालय नहीं है उसको प्राथमिकता के आधार पर शौचालय उपलब्ध कराया जाए। गर्भवती महिला संजू का हीमोग्लोबिन जांच करने सहित स्वास्थ्य संबंधित जानकारी न देने पर एएनएम को निलंबित करने का सीएमओ नंदलाल यादव को निर्देश दिया। चिकित्सक को निर्देश दिया कि गांव में जो भी बच्चे अतिकुपोषित हैं उन्हें टीम बनाकर दवा एवं अन्य सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर मुख्य रूप से सीडीओ गिरिजेश कुमार त्यागी, उपजिलाधिकारी घोसी साहबलाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन