{"_id":"94491da5cb69284ac92a823e83b065b1","slug":"the-greenery-in-sterile-green-belt-plan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरित पट्टी योजना से ऊसर में आई हरियाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरित पट्टी योजना से ऊसर में आई हरियाली
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Fri, 05 Jun 2015 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपनी हरियाली खो चुके जनपद में प्रदेश सरकार की कोशिश से रौनक लौटने की उम्मीद दिख रही है। अनुपयुक्त भूमि पर हरित पट्टी योजना शुरू करने के तीन वर्षों में कई स्थानों पर ऊसर में भी हरियाली दिखने लगी है, जो पर्यावरण की दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। जो स्थान अनुपयुक्त थे आज वहां अर्जुन, पीपल, सागौन, नीम सहित विभिन्न प्रकार के पौधे लहलहा रहे हैं। कई स्थान आज बाग का रूप ले चुके हैं।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012-13 में हरित पट्टी योजना के तहत सभी जिलों में खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण कर उसे संरक्षित रखकर हरियाली क्षेत्र बनाने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत पहले वर्ष में मुहम्मदाबाद गोहना-मऊ मार्ग पर धर्मसीपुर से लेकर कोलौरा मार्ग के दोनों किनारों पर लगभग 5 हेक्टेयर से अधिक भूमि को हरित पट्टी घोषित किया गया। यहां पर आठ फीट से अधिक के पौधे लगाए गए।
इसके अलावा जिला पंचायत के कार्यालय के सामने, पुलिस लाइन के प्रांगण एवं नवोदय विद्यालय के प्रांगण को हरित पट्टी घोषित कर यहां पौधरोपण कर उसे आरसीसी खंभों से कवर करके तारों से संरक्षित किया गया। आज इन स्थानों पर हरियाली छाई हुई है।
विज्ञापन
सबसे महत्वपूर्ण कार्य कलेक्ट्रेट प्रांगण में एआटीओ कार्यालय के सामने ऊसर भूमि पर आठ हेक्टेयर से अधिक भूमि पर अर्जुन सहित विभन्नि प्रजातियों के पेड़ लगाए जाने से हुआ। पिछले तीन साल में यह स्थान एक बड़े बाग का रूप ले चुका है। इसी प्रकार वर्ष 2013-14 में कलेक्ट्रेट परिसर, घोसी के वनगांवा चीनी मिल के समीप पांच हेक्टेयर में हरित पट्टी जोन घोषित किया गया।
वर्ष 2014-15 में कलेक्ट्रेट परिसर, दोहरीघाट रेलवे स्टेशन, दौलसेपुर, रेलवे लाइन मऊ सहित रतनपुरा रेलवे लाइन, इंदारा रेलवे स्टेशन के समीप एवं मंडुसरा गांव के किनारे 20 हेक्टेयर भूमि को हरित पट्टी जोन घोषित कर वहां पौधरोपण किया गया ।
यहां भी पौधों के संरक्षण के चलते हरियाली तेजी से बढ़ रही है। देखा जाए तो हरित पट्टी योजना से अब तक जिले में 50 हेक्टेयर से अधिक की निस्प्रयोज्य भूमि पर हरियाली लाने का प्रयास किया गया है।
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012-13 में हरित पट्टी योजना के तहत सभी जिलों में खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण कर उसे संरक्षित रखकर हरियाली क्षेत्र बनाने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत पहले वर्ष में मुहम्मदाबाद गोहना-मऊ मार्ग पर धर्मसीपुर से लेकर कोलौरा मार्ग के दोनों किनारों पर लगभग 5 हेक्टेयर से अधिक भूमि को हरित पट्टी घोषित किया गया। यहां पर आठ फीट से अधिक के पौधे लगाए गए।
विज्ञापन
इसके अलावा जिला पंचायत के कार्यालय के सामने, पुलिस लाइन के प्रांगण एवं नवोदय विद्यालय के प्रांगण को हरित पट्टी घोषित कर यहां पौधरोपण कर उसे आरसीसी खंभों से कवर करके तारों से संरक्षित किया गया। आज इन स्थानों पर हरियाली छाई हुई है।
विज्ञापन
सबसे महत्वपूर्ण कार्य कलेक्ट्रेट प्रांगण में एआटीओ कार्यालय के सामने ऊसर भूमि पर आठ हेक्टेयर से अधिक भूमि पर अर्जुन सहित विभन्नि प्रजातियों के पेड़ लगाए जाने से हुआ। पिछले तीन साल में यह स्थान एक बड़े बाग का रूप ले चुका है। इसी प्रकार वर्ष 2013-14 में कलेक्ट्रेट परिसर, घोसी के वनगांवा चीनी मिल के समीप पांच हेक्टेयर में हरित पट्टी जोन घोषित किया गया।
वर्ष 2014-15 में कलेक्ट्रेट परिसर, दोहरीघाट रेलवे स्टेशन, दौलसेपुर, रेलवे लाइन मऊ सहित रतनपुरा रेलवे लाइन, इंदारा रेलवे स्टेशन के समीप एवं मंडुसरा गांव के किनारे 20 हेक्टेयर भूमि को हरित पट्टी जोन घोषित कर वहां पौधरोपण किया गया ।
यहां भी पौधों के संरक्षण के चलते हरियाली तेजी से बढ़ रही है। देखा जाए तो हरित पट्टी योजना से अब तक जिले में 50 हेक्टेयर से अधिक की निस्प्रयोज्य भूमि पर हरियाली लाने का प्रयास किया गया है।