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नदी के बैकरोलिग से खतरे में पड़ा एतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व

Sat, 10 Sep 2022 12:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 12:33 AM IST
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The existence of historical heritage threatened by the back ling of the river
दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर अब घट रहा है। लेकिन नदी के उग्र रूप से तटवर्ती इलाके के लोग दशहत में हैं। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की कमी आई है। नदी के बैकरोलिंग करने से ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडरा रहा है। नदी के जलस्तर में घटाव के बाद भी कटान का खतरा बढ़ गया है। नगर के ऐतिहासिक मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, शाही मस्जिद, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर,राम घाट मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, डीह बाबा स्थान, हनुमान मंदिर सहित अन्य धरोहरों पर कटान का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को जलस्तर 69.25 मीटर रहा। बृहस्पतिवार को 69.50 मीटर पर रहा। गौरीशंकर घाट पर घाघरा का पानी खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। नदी इससे 65 सेमी नीचे बह रही थी। नदी का पानी बंधों से टकरा रहा था। महुला गढ़वल बंधा, गोधनी बीबीपुर बंधा, नवली चिऊटीडांड रिंग बंधा के नीचे की फसलें बाढ़ के पानी से बर्बाद हो चुकी है। वहीं नदी की लहरे भारत माता मंदिर, शवदाह स्थल और डोमराज के घर के पास सीधे टकरा रही है। सिंचाई विभाग द्वारा बचाव के लिए शवदाह स्थल से शाही मस्जिद तक कराए गए बोल्डर पिचिंग में दबाव के चलते बोल्डरों में दरारें पड़ रही है। लोगों ने कटान रोकने के लिए व्यापक इंतजाम करने की मांग की है।
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