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Mau News: जिला अस्पताल की ओपीडी 30 प्रतिशत पर सिमट गई
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पहसा स्थित राकेश अस्पताल जिसमें महिला की हुई मौत
मऊ। अर्नब तूफान के चलते शुक्रवार को जनपद में दिनभर हुई तेज बारिश और हवाओं का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिला। जिला अस्पताल की ओपीडी महज 30 फीसदी रही, जबकि सीएचसी-पीएचसी और निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या कम रही।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में जिला अस्पताल की ओपीडी में 800 से अधिक मरीज आते हैं, लेकिन तूफान के कारण शुक्रवार को मात्र यह संख्या 250 से 300 के बीच रही।
मौसम खराब होने से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज नहीं आ सके। वहीं फतेहपुर मंडाव सीएचसी में भी ओपीडी के तुलना में 70 से कम मरीज पहुंचे, जबकि यहां रोजाना 400 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है।
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स्थिति यह रही जिला अस्पताल, महिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा को छोड़कर हड्डी रोग, नेत्र रोग, मेडिसिन और बाल रोग विभाग में सन्नाटा पसरा रहा। यही हाल सीएचसी रतनपुरा, घोसी, मधुबन और मोहम्मदाबाद सहित अन्य अस्पतालों का भी रहा। वहां भी 20-30 मरीज ही पहुंचे। निजी क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों पर भी ताले लटके रहे। संवाद
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर धनंजय कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में जिला अस्पताल की ओपीडी में 800 से अधिक मरीज आते हैं, लेकिन तूफान के कारण शुक्रवार को मात्र यह संख्या 250 से 300 के बीच रही।
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मौसम खराब होने से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज नहीं आ सके। वहीं फतेहपुर मंडाव सीएचसी में भी ओपीडी के तुलना में 70 से कम मरीज पहुंचे, जबकि यहां रोजाना 400 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है।
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स्थिति यह रही जिला अस्पताल, महिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा को छोड़कर हड्डी रोग, नेत्र रोग, मेडिसिन और बाल रोग विभाग में सन्नाटा पसरा रहा। यही हाल सीएचसी रतनपुरा, घोसी, मधुबन और मोहम्मदाबाद सहित अन्य अस्पतालों का भी रहा। वहां भी 20-30 मरीज ही पहुंचे। निजी क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटरों पर भी ताले लटके रहे। संवाद