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नदी में समाई अब तक 13 किसानों की 70 बीघा जमीन

Thu, 03 Aug 2017 12:24 AM IST
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mau news Updated Thu, 03 Aug 2017 12:24 AM IST
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The coverage of the river so far is that of 13 farmers 70 bigha land
शमशान घाट की सीढ़ियों तक पहुंचा घाघरा का जलस्तर।
दोहरीघाट/ दुबारी । घाघरा नदी के जल स्तर में एक बार फिर से वृद्धि होने लगी है। बुधवार को नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 19 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। गौरीशंकरघाट पर बुधवार को घाघरा का जलस्तर 69.62 मीटर  रहा। जबकि मंगलवार को जलस्तर 69.43 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में जल 19 सेमी बढ़ा। खतरे का निशान 69.90 मीटर है। उधर मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारांचल में तेज कटान की रफ्तार तेज हो गई है। बरोहा और चक्की मूसाडोही गांव के सीवान में 13 किसानों  के नलकूप , झोपड़ियां , हैंडपंप बांस खूंटी और पेड़ आदि नदी की धारा में विलीन हो गए।        
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घाघरा से कटान प्रतिदिन होने के कारण बरोहा तथा मूसाडोही मौजा में सोखा के टोला के स्थान पर कटान काफी तेजी से होने  से 13 किसानों की मडंई बोरिंग, बांस खूटी, हैंड पम्प ,पेड़ आदि घाघरा में विलीन हो गए।   नदी की कटान से रामबालक, राम हर्ख यादव, रामश्री यादव ,बाजा यादव, रामआश्रय सिंह, कैलाश यादव, राम प्यारे ,राम बली यादव आदि की मडंई बोरिंग हैंड पम्प बांस  , पेड जमीन सहित घाघरा में कट गए है। जबकि रामाशंकर सिंह, तूफानी यादव ,बिनोद आदि का मडंई पेड़ बोरिंग बांस कि खूंटी  बिल्कुल घाघरा नदी के कटान  के मुहाने पर है । लोगों का अुनमान है कि यदि इसी तरह कटान जारी रही तो एक से दो दिन के अन्दर में ये सब कटकर नदी में  गिर जायेगा। किसानों कि मानें तो पिछली वर्ष करीब पचास बीघा जमीन फसल समेत कटकर नदी में समा गई थी। इस वर्ष 70 बीघा जमीन फसल समेत घाघरा में समा गई है। क्षेत्र में राहत के नाम पर  अबतक किसी सरकारी महकमा के अधिकारी कर्मचारी का पता नहीं है। परसिया ,हाहा नाला रेगूलेटर का मीटर 64.86 से ऊपर है।  हालांकि देवारा क्षेत्र में घाघरा का पानी ऊपरी तटवर्ती क्षेत्रों के गांवों तक नहीं पहुंचा है। इन क्षेत्रों के किसान एक बार बाढ का पानी खेतों तक आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जिससे जमीन में तरावट हो जाय और कीडे मकोडे निकल जाय जिससे अगली फसल अच्छी होगी  है। उधर घाघरा में अचानक उफान आने से दोहरीघाट के आस पास के लोगों में दहशत व्याप्त हो गयी है नदी के बढ़ने से नगर की अनेक ऐतिहासिक धरोहरे मुक्तिधाम, दुर्गा मन्दिर, लोक निर्माण विभाग का डाकबंगला, शाही मस्जिद, डीह बाबा का मन्दिर, हनुमान मन्दिर आदि जहां खतरे में है वहीं मुक्तिधाम पर स्थित भारत माता मन्दिर व शवदाहघाट पर खतरा बढ़ गया है। घाघरा के प्रल्यंकारी लहरे शवदाहघाट व भारत माता मन्दिर पर सीधे टक्कर मार रही है जिससे खतरा बढ़ गया है स्थिति कभी भी गम्भीर हो सकती है नदी के बढ़ने से नगर के तीन मुहल्ले भगवानपुरा, मल्लाह टोला व दलित बस्ती में  पानी घुसने के डर से लोग दहशत में है। घाघरा के तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नवली, नई बाजार, चिउॅटीडॉड़, बहादुरपुर, पतनई, सरयां, गोधनी, ठाकुरगांव, बीबीपुर, ताहिरपुर, गौरीडीह, जमीरा चौराडीह, कोरौली, बेलौली, पाउस, ठीकरहिया, चन्द्राबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवों में पानी फैलने के डर से लोग दहशत में आ गये है। धनौली लोहड़ा बांध, नवली चिऊटीडॉड़ रिंग बांध, बीबीपुर, बेलौली बंधे के समीप कभी पानी पहुंच सकता है। यदि नदी के बढ़ने का यही क्रम रहा तो गुरुवार तक नदी खतरा बिन्दु पार कर सकती है। जैसे ही नदी खतरा बिन्दु पार करेगी नगर तथा गांव के सीवान में पानी घुंस जायेगा व खतरा बढ़ जायेगा।
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