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यूपी: मऊ में युवक की हत्या पर बड़ा सवाल, तो क्या वर्चस्व स्थापित करने को इनामी राहुल ने दिया वारदात को अंजाम ?

Thu, 14 Jan 2021 12:09 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 14 Jan 2021 12:09 AM IST
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The big question on the killing of the young man
फूंका गया पुलिस वाहन - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के आसलपुर गांव में मंगलवार की रात हुई युवक की हत्या में पूर्व प्रधान की हत्या के आरोपी राहुल सिंह के नामजद होने पर एक प्रश्न उठने लगा कि क्या राहुल वर्चस्व को स्थापित करने के लिए निर्दोष युवक अरविंद को मौत के घाट उतार दिया। क्योंकि अरविंद का पूर्व प्रधान स्व. मुन्ना बागी से सीधा कोई संबंध नही था, ना ही वह पूर्व प्रधान की हत्या में गवाह था।  

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असलपुर गांव में मंगलवार की रात हुई अरविंद की हत्या में नामजद राहुल सिंह 8 सितंबर 2019 को हुई पूर्व प्रधान मुन्ना बागी की हत्या में नामजद आरोपी है। उसके गिरफ्तार न होने पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उसके घर की कुर्की कर उस पर पचास हजार रुपये का पुरस्कार घोषित कर शांत पड़ गई।
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बात करने पर मृत युवक के पिता जीउत ने बताया कि पूर्व प्रधान मुन्ना बागी की हत्या में उसके भाई शंभूनाथ गवाह है। रही रिश्ते की बात को मुन्ना भी उसके चचेरे भाई थे। लेकिन अरविंद का मुन्ना बागी की हत्या से कोई सरोकार नहीं था। बताते चलें मृत युवक अरविंद छह भाई बहनों में दूसरे नंबर पर था।
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सबसे बड़ी उसकी बहन किरन है, जिसकी शादी काफी समय पूर्व हुई थी। दूसरे नंबर पर अरविंद था, लेकिन उसकी शादी नहीं हुई थी। अरविंद जीविकोपार्जन के लिए बड़े बहनोई के साथ कश्मीर में रहता था। वह वहां से डेढ माह पूर्व लौटा था। इस बीच अरविंद ने ही अपनी छोटी बहन नीलम और अर्चना की शादी की थी। सबसे छोटी बहन आरती और छोटे भाई आलोक के साथ वह खुद की शादी करने वाला था। 
 

The big question on the killing of the young man
फूंका गया पुलिस वाहन - फोटो : अमर उजाला

बात करने पर मृत युवक के पिता ने स्पष्ट किया कि उसके पास खेत के नाम पर कुछ भी नहीं है। घर के नाम पर छोटी मंडई थी, जिसमें पूरा परिवार भरण पोषण करता है। बताते चलें मुन्ना बागी की हत्या आठ सितंबर को उस समय हुई, जब गांव में पोखरे की नीलामी के लिए बैठक चल रही थी। इस मामले में नामजद हुए छह लोगों में से दो ने कोर्ट में समर्पण किया। नामजद सुरेश सिंह और अमित को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।  

देर रात डीआईजी पहुंचे थे आसलपुर गांव
हत्या की घटना  के बाद ग्रामीणों की हिंसक होने की सूचना पर देर रात 12:00 बजे के करीब डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुभाष दूबे घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान वो घटनाक्रम से अवगत होने के बाद उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया।

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