मुहम्मदाबाद गोहना। तहसीलदार न्यायालय में मुकदमों के निपटारे में विलंब, फाइलों को अंधिक दिनों तक लंबित रखने और कार्यालय में भ्रष्टाचार से नाराज वकीलों ने सोमवार को तहसील पर धरना दिया। चेताया कि जब तक तहसीलदार का स्थानानंतरण नहीं होता वह कार्य बहिष्कार जारी रखेेंगे। इस दौरान वकीलों ने तहसीलदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसीलदार मुकदमों को लंबित करने और मामूली फाइलों को भी अपने न्यायालय में लटकाए रहते हैं। दाखिल खारिज और रिपोर्ट आदि की मामूली फाइलों को भी महीनों तक आवास पर रखा जाता है। फाइलों के बारे में पूछे जाने पर वह सिर्फ आश्वासन ही देते हैं। अधिवक्ता फिरोज अहमद सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि मुकदमे की एक फाइल को आदेश में लेने के बाद भी काफी दिनों तक जब वह फाइल नहीं मिली तो उन्होंने पूछताछ की तो तहसीलदार द्वारा उल्टा सीधा जवाब दिया गया। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी कर उनके स्थानांतरण की मांग की। धरना पर बैठने वालों में संतोष श्रीवास्तव, खालिद कमाल, प्रदीप उपाध्याय, प्रभाकर राय, आबिद एजाज, इनाम खान, इआफताब अहमद, लालजी, ओमप्रकाश राम, विनय श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव, खुर्शीद अहमद आदि शामिल रहे। तहसीलदार राहुल गुप्ता ने बताया कि अधिवक्ताओं का आरोप निराधार है। फाइलों के निस्तारण में कोई विलंब नहीं होता है। प्रशासनिक कार्यों के साथ न्यायिक कार्य के निष्पादन का पूरा प्रयास किया जाता है। कुछ अधिवक्ताओं के व्यक्तिगत हितों की पूर्ति न होने पर वह अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।