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शिक्षकों की कमी से पढ़ाई हो रही बाधित
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मऊ। जिले के विभिन्न ब्लाक क्षेत्रों के अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में वर्षों से शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूलों के ज्यादा समय से बंद रहने के चलते छात्र काफी पिछड़ गए हैं। ऑफलाइन क्लास शुरू होने के बाद से शिक्षकों को काफी मेहनत करनी पड़ रही है। जिले में लंबे समय से विद्यालयों में रिक्त चल रहे लगभग 80 शिक्षकों के पदों को भरा नहीं जा सका है। इससे पठन पाठन पर असर पड़ रहा है।
सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करने के लिए जिले में तीन वर्ष पूर्व कई चरणों में 180 परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू की गई। विभाग की तरफ से परीक्षा के माध्यम से प्रत्येक विद्यालयों में पांच-पांच शिक्षकों की तैनाती की गई। तैनात के बाद शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया था। लेकिन दोहरीघाट, फतहपुर मंडाव, बड़रांव, रानीपुर सहित विभिन्न ब्लाक क्षेत्रों के दूरदराज के इलाकों में शिक्षकों के न मिल पाने के चलते लगभग 80 शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी। गत वर्ष अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत कई शिक्षकों का स्थानांतरण हो गया। लगातार दो वर्ष तक कोरोना संक्रमण के चलते अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे पठन पाठन पर असर पड़ रहा है। शिक्षकों की मानें तो कोरोना संक्रमण के चलते लगातार काफी दिनों तक स्कूलों के बंद रहने से बच्चे काफी पिछड़ गए हैं। अब ऑफलाइन कक्षाएं चलने से शिक्षकों को काफी मेहनत करनी पड़ रही है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी शेषनाथ सरोज का कहना है कि दोहरीघाट ब्लाक तथा फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में गुणवत्तापरक शिक्षा देने का प्रयास जारी है। प्रत्येक विद्यालय में एक-एक शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं।
अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का डाटा शासन से मांगा नहीं गया है। विद्यालय में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। - सीडी यादव, जिला समन्वयक प्रशिक्षण
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सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करने के लिए जिले में तीन वर्ष पूर्व कई चरणों में 180 परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई शुरू की गई। विभाग की तरफ से परीक्षा के माध्यम से प्रत्येक विद्यालयों में पांच-पांच शिक्षकों की तैनाती की गई। तैनात के बाद शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया था। लेकिन दोहरीघाट, फतहपुर मंडाव, बड़रांव, रानीपुर सहित विभिन्न ब्लाक क्षेत्रों के दूरदराज के इलाकों में शिक्षकों के न मिल पाने के चलते लगभग 80 शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी। गत वर्ष अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत कई शिक्षकों का स्थानांतरण हो गया। लगातार दो वर्ष तक कोरोना संक्रमण के चलते अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। इससे पठन पाठन पर असर पड़ रहा है। शिक्षकों की मानें तो कोरोना संक्रमण के चलते लगातार काफी दिनों तक स्कूलों के बंद रहने से बच्चे काफी पिछड़ गए हैं। अब ऑफलाइन कक्षाएं चलने से शिक्षकों को काफी मेहनत करनी पड़ रही है। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी शेषनाथ सरोज का कहना है कि दोहरीघाट ब्लाक तथा फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में गुणवत्तापरक शिक्षा देने का प्रयास जारी है। प्रत्येक विद्यालय में एक-एक शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं।
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अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों का डाटा शासन से मांगा नहीं गया है। विद्यालय में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। - सीडी यादव, जिला समन्वयक प्रशिक्षण
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