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Mau News: शिक्षण व्यवस्था मजबूत करने के लिए शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
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मऊ। एफएलएन, एनसीईआरटी आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिले के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए तीन चरणों में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिले से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे, जिनमें दो एआरपी और दो डायट मेंटर शामिल होंगे।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के डायट प्रवक्ता डॉ. संदीप राय ने बताया कि जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय हैं। शासन की तरफ से निपुण भारत मिशन को विद्यालय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कवायद तेज हो गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निपुण भारत मिशन के तहत आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) और एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शैक्षणिक संदर्भदाताओं को राज्यस्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण 22 जून से प्रस्तावित है। प्रशिक्षण के लिए जिले से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे, जिनमें दो एआरपी और दो डायट मेंटर शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए चयनित चार संदर्भदाताओं में कम से कम एक-एक प्रतिभागी हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित होना अनिवार्य है। प्रशिक्षण संचालन की क्षमता रखने वाले एआरपी, डायट मेंटरों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने वाले संदर्भदाता आगे ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे।
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के डायट प्रवक्ता डॉ. संदीप राय ने बताया कि जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय हैं। शासन की तरफ से निपुण भारत मिशन को विद्यालय स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कवायद तेज हो गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निपुण भारत मिशन के तहत आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) और एनसीईआरटी आधारित पाठ्यपुस्तकों पर आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शैक्षणिक संदर्भदाताओं को राज्यस्तरीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण 22 जून से प्रस्तावित है। प्रशिक्षण के लिए जिले से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे, जिनमें दो एआरपी और दो डायट मेंटर शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए चयनित चार संदर्भदाताओं में कम से कम एक-एक प्रतिभागी हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित होना अनिवार्य है। प्रशिक्षण संचालन की क्षमता रखने वाले एआरपी, डायट मेंटरों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने वाले संदर्भदाता आगे ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे।
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