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Mau News: केंद्रीय, नवोदय विद्यालयों में हो शिक्षकों की भर्ती
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मऊ। शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में बुधवार को घोसी लोकसभा के सांसद राजीव राय ने केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती से संबंधित एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय की तरफ ध्यान आकर्षित किया।
सांसद ने मांग की कि केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे इन संस्थानों में शिक्षा के गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
इसके चलते इन विद्यालयों में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है।
कहा कि वर्तमान समय में इन विद्यालयों में प्रधानाचार्य को यह अधिकार मिला है कि वह अपनी आवश्यकता के अनुसार अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति कर सकते हैं, लेकिन इस व्यवस्था में भी कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
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प्रधानाचार्य अक्सर अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करते हैं।
लेकिन जब प्रधानाचार्य का स्थानांतरण होता है तब उस विद्यालय में आए नए प्रधानाचार्य उन अस्थायी शिक्षकों को हटाकर अपनी पसंद से पुनः नए अस्थायी शिक्षकों का चयन कर लेते हैं, जिससे वहां के छात्रों और शिक्षकों में अक्सर समन्वय स्थापित नहीं हो पाता, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित होती है।
घोसी सांसद ने यह मांग किया कि केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि हमारे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके साथ ही साथ उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
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सांसद ने मांग की कि केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे इन संस्थानों में शिक्षा के गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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इसके चलते इन विद्यालयों में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति आवश्यक है।
कहा कि वर्तमान समय में इन विद्यालयों में प्रधानाचार्य को यह अधिकार मिला है कि वह अपनी आवश्यकता के अनुसार अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति कर सकते हैं, लेकिन इस व्यवस्था में भी कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
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प्रधानाचार्य अक्सर अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करते हैं।
लेकिन जब प्रधानाचार्य का स्थानांतरण होता है तब उस विद्यालय में आए नए प्रधानाचार्य उन अस्थायी शिक्षकों को हटाकर अपनी पसंद से पुनः नए अस्थायी शिक्षकों का चयन कर लेते हैं, जिससे वहां के छात्रों और शिक्षकों में अक्सर समन्वय स्थापित नहीं हो पाता, जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित होती है।
घोसी सांसद ने यह मांग किया कि केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि हमारे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके साथ ही साथ उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।