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शिक्षकों को संगठित होने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Wed, 30 Aug 2017 11:31 PM IST
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माध्यमिक शिक्षक संघ के सम्मेलन को संबोधित करते शिक्षक विधायक चेत नारायण सिंह।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण गुट) की तरफ से बुधवार को नगर के फातिमा तिराहा स्थित एक प्लाजा मेें शैक्षिक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों को एक मंच पर संगठित होने पर जोर दिया गया। साथ ही शिक्षकों की समस्याओं पर विचार किया गया। शिक्षकों ने मुख्य अतिथि तथा उत्तर प्रदेश प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष तथा एमएलसी चेतनारायण सिंह को फूलमालाओं से लादकर जोरदार तरीके से स्वागत किया।
इस मौके पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष तथा एमएलसी चेतनारायण सिंह ने कहा कि शिक्षकों को एक मंच पर संगठित होने की जरूरत है। संगठन मजबूत रहने से ही सरकार शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए बाध्य हो जाएगी। कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से कार्य कर रहे तदर्थ शिक्षकों को नियमितीकरण किया जाए। माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के पास अनिवार्य योग्यता है। वह पूरा वेतन भी प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश के शिक्षकों में पुरानी पेंशन योजना की जगह एनपीएस लागू होने के कारण अत्यंत आक्रोश और घोर निराशा व्याप्त है। वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।
कहा कि सरकार से वार्ता चल रही है। संघर्ष के बल पर हम शीघ्र ही प्रोन्नत वेतनमान की जगह टाइमस्केल के रुप में संशोधित कराते हुए पोस्ट ग्रेजुएशन की अनिवार्यता को समाप्त कराकर ही दम लेंगे। बायोमैट्रिक मशीन के तहत हस्ताक्षर न देने वाले शिक्षकों का वेतन बाधित नहीं किया जा सकता। वेतन बाधित करने वाले अधिकारियों की खैर नहीं होगी। जिला मंत्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पांच सितंबर को लखनऊ में आयोजित धरने को सफल बनाने के लिए शिक्षकों को भारी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
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इसके बाद भी शिक्षकों की समस्या नहीं सुनी गई तो सात सितंबर को शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद का घेराव किया जाएगा। इसके बाद अक्तूबर में दिल्ली में पुरानी पेंशन बहाली के लिए संयुक्त रुप से आंदोलन किया जाएगा। अंत में शिक्षक संगठनों के विभिन्न गुटों के कृष्णानंद सिंह, रामलखन यादव, मानवेंद्र सिंह सहित 100 से अधिक शिक्षकों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण किया।इस अवसर पर राजेंद्र सिंह, राजनाथ सिंह, विजय बहादुर सिंह, योगेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, कृष्णानंद सिंह, रामलखन यादव, रमाकांत यादव आदि शामिल रहे।
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इस मौके पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष तथा एमएलसी चेतनारायण सिंह ने कहा कि शिक्षकों को एक मंच पर संगठित होने की जरूरत है। संगठन मजबूत रहने से ही सरकार शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए बाध्य हो जाएगी। कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से कार्य कर रहे तदर्थ शिक्षकों को नियमितीकरण किया जाए। माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के पास अनिवार्य योग्यता है। वह पूरा वेतन भी प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश के शिक्षकों में पुरानी पेंशन योजना की जगह एनपीएस लागू होने के कारण अत्यंत आक्रोश और घोर निराशा व्याप्त है। वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।
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कहा कि सरकार से वार्ता चल रही है। संघर्ष के बल पर हम शीघ्र ही प्रोन्नत वेतनमान की जगह टाइमस्केल के रुप में संशोधित कराते हुए पोस्ट ग्रेजुएशन की अनिवार्यता को समाप्त कराकर ही दम लेंगे। बायोमैट्रिक मशीन के तहत हस्ताक्षर न देने वाले शिक्षकों का वेतन बाधित नहीं किया जा सकता। वेतन बाधित करने वाले अधिकारियों की खैर नहीं होगी। जिला मंत्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पांच सितंबर को लखनऊ में आयोजित धरने को सफल बनाने के लिए शिक्षकों को भारी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
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इसके बाद भी शिक्षकों की समस्या नहीं सुनी गई तो सात सितंबर को शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद का घेराव किया जाएगा। इसके बाद अक्तूबर में दिल्ली में पुरानी पेंशन बहाली के लिए संयुक्त रुप से आंदोलन किया जाएगा। अंत में शिक्षक संगठनों के विभिन्न गुटों के कृष्णानंद सिंह, रामलखन यादव, मानवेंद्र सिंह सहित 100 से अधिक शिक्षकों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण किया।इस अवसर पर राजेंद्र सिंह, राजनाथ सिंह, विजय बहादुर सिंह, योगेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, कृष्णानंद सिंह, रामलखन यादव, रमाकांत यादव आदि शामिल रहे।