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केमिकल युक्त कचरा तमसा में फैला रहा जहर
मऊ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:19 AM IST
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नगर क्षेत्र के बंधा रोड़ स्थित नाले से नदी में गिरता गंदा पानी।
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इंसानों को जीवन देने वाली तमसा नदी इन दिनों जहरीली हो गई है। साड़ी बुनने के लिए धागों की रंगाई के लिए प्रयुक्त होने वाले रंगों में जो आर्गेनिक केमिकल इस्तेमाल होता है। उससे इंसानों को कैंसर होने का खतरा है। चिकित्सा विशेषज्ञ बताते हैं कि आर्गेनिक युक्त केमिकल के प्रभाव से इंसान को कैंसर से लेकर सांस की बीमारी सहित कई अन्य बीमारियां हो सकती हैं।
चूंकि शहर में पावरलूम अथवा हैंडलूम के जरिये साड़ियां, लुंगियां , दुपट्टे व अन्य रंगीन वस्त्र काफी मात्रा में तैयार किए जाते हैं। बाहर से आने वाले सफेद धागों को यहां विभिन्न रंगों में रंगा जाता है। यह रंग मानव सहित जीव-जंतुओं के लिए काफी खतरनाक होती है। धागों को कड़ाहों में पकाकर तैयार किया जाता है। इसके बाद उस केमिकल युक्त रंग वाले पानी को फेंक दिया जाता है और यही पानी नालों से होता हुआ तमसा नदी में पहुंच जाता है। शहर से निकलने वाले 32 गंदे नालों में से अधिकांश नालों से होकर यह केमिकल तमसा में गिरता है।
यह इंसानों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव तो डालता ही है, पशु पक्षियों के लिए काफी खतरनाक साबित हो रहा है। हाल के एक शोध में पाया गया है कि आर्गेनिक केमिकल युक्त पानी के उपयोग से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इससे स्किन कैंसर से लेकर किडनी तक को प्रभावित करने वाली बीमारियां हो सकती हैं। शहर के पास काफी लोग नदी में नहाते हैं। धार्मिक संस्कारों सहित कई क्रियाएं करते हैं।इसका दुष्प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है।
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चूंकि शहर में पावरलूम अथवा हैंडलूम के जरिये साड़ियां, लुंगियां , दुपट्टे व अन्य रंगीन वस्त्र काफी मात्रा में तैयार किए जाते हैं। बाहर से आने वाले सफेद धागों को यहां विभिन्न रंगों में रंगा जाता है। यह रंग मानव सहित जीव-जंतुओं के लिए काफी खतरनाक होती है। धागों को कड़ाहों में पकाकर तैयार किया जाता है। इसके बाद उस केमिकल युक्त रंग वाले पानी को फेंक दिया जाता है और यही पानी नालों से होता हुआ तमसा नदी में पहुंच जाता है। शहर से निकलने वाले 32 गंदे नालों में से अधिकांश नालों से होकर यह केमिकल तमसा में गिरता है।
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यह इंसानों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव तो डालता ही है, पशु पक्षियों के लिए काफी खतरनाक साबित हो रहा है। हाल के एक शोध में पाया गया है कि आर्गेनिक केमिकल युक्त पानी के उपयोग से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इससे स्किन कैंसर से लेकर किडनी तक को प्रभावित करने वाली बीमारियां हो सकती हैं। शहर के पास काफी लोग नदी में नहाते हैं। धार्मिक संस्कारों सहित कई क्रियाएं करते हैं।इसका दुष्प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है।
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