{"_id":"5d1cf7038ebc3e3cc6676773","slug":"students-are-troubled-by-jam-on-balankayan-railway-crossing-mau-news-vns4709566185","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग पर जाम से परेशान होते हैं छात्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग पर जाम से परेशान होते हैं छात्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। नगर के बीचोबीच बालनिकेतन तिराहा के पास बना रेलवे क्रासिंग बनने के बाद से छात्र वर्ग के लिए सिरदर्द बना हुआ है। वजह है दर्जनों ट्रेनों के आवाजाही पर दिनभर में कई बार फाटक का बंद होना। ऐसे में फाटक बंद होने से क्रासिंग के दोनों ओर के क्षेत्रों के लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। हर घंटे ट्रेनों के गुजरने पर 10 से 15 मिनट फाटक बंद होने के चलते दोनों तरफ जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में जाम में फंसकर छात्र काफी परेशान होते है। जाम की समस्या का निस्तारण को लेकर छात्रों ने क्रासिंग पर आरओबी या अंडरपास बनाने की मांग की।
बताते चले कि बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग मऊ नगर को दो हिस्सों में विभाजित करती है, जिसमें एक तरफ सिंधी कॉलोनी, सदर बाजार, चौक, गोला बाजार सहित तमाम बाजार के साथ मुस्लिम इंटर कॉलेज, डीएवी कॉलेज सहित कई कॉलेज हैं। तो वहीं फाटक के दूसरी तरफ भीटी चौराहा, रोडवेज, आजमगढ़ तिराहा आदि बाजार हैं। इसके अलावा यहां डीसीएसके कॉलेज, जीवनराम इंटर कॉलेज, आईटीआई सहित दर्जनों कॉलेज हैं। दोनों क्षेत्रों में प्रतिदिन बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग से रोजाना सैकड़ों छात्रों को दोनों तरफ बने कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाते है। लेकिन बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग से रोजाना 27 जोड़ी ट्रेनों के गुजरने पर कई बार रेलवे फाटक बंद होने वहां से गुजरने वाले छात्र जाम में फंसकर परेशान होते है। जाम की समस्या को लेकर भुजौटी निवासी अश्विन ने बताया कि वो लिटिल फ्लावर में कक्षा 11 वीं का छात्र है। कहा कि रेलवे क्रासिंगसे गुजरने के दौरान कई बार वो फाटक बंद होने पर वो स्कूल में विलंब से पहुंचता है। वहीं सहादतपुरा निवासी सूरज राजभर ने कहा कि वो भी लिटिल फ्लावर स्कूल में कक्षा 9 वीं का छात्र है। वो स्कूल जाने के लिए बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग की तरफ से गुजरता है, लेकिन फाटक बंद होने पर वो कई बार जाम में फंस जाता है। मांग कि इस समस्या के निस्तारण को लेकर अंडरपास या आरओबी का निर्माण कराया जाए। वहीं पठानटोला निवासी संदीप गुप्ता ने कहा कि वो आईटीआई का छात्र है, कॉलेज जाते समय अधिकांश बार फाटक बंद होने से काफी समय की बर्बादी होती है। वहीं मंशीपुरा निवासी तथा एलएलबी के छात्र गोपाल गुप्ता ने कहा कि जाम की समस्या के निस्तारण को लेकर आरओबी बनाया जाना बेहद जरूरी है। शीघ्र ही इस पर पहल हो जिससे वर्तमान में हो रही समस्याओं से लोगों को निजात मिल सके।
विज्ञापन
बताते चले कि बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग मऊ नगर को दो हिस्सों में विभाजित करती है, जिसमें एक तरफ सिंधी कॉलोनी, सदर बाजार, चौक, गोला बाजार सहित तमाम बाजार के साथ मुस्लिम इंटर कॉलेज, डीएवी कॉलेज सहित कई कॉलेज हैं। तो वहीं फाटक के दूसरी तरफ भीटी चौराहा, रोडवेज, आजमगढ़ तिराहा आदि बाजार हैं। इसके अलावा यहां डीसीएसके कॉलेज, जीवनराम इंटर कॉलेज, आईटीआई सहित दर्जनों कॉलेज हैं। दोनों क्षेत्रों में प्रतिदिन बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग से रोजाना सैकड़ों छात्रों को दोनों तरफ बने कॉलेजों में पढ़ने के लिए जाते है। लेकिन बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग से रोजाना 27 जोड़ी ट्रेनों के गुजरने पर कई बार रेलवे फाटक बंद होने वहां से गुजरने वाले छात्र जाम में फंसकर परेशान होते है। जाम की समस्या को लेकर भुजौटी निवासी अश्विन ने बताया कि वो लिटिल फ्लावर में कक्षा 11 वीं का छात्र है। कहा कि रेलवे क्रासिंगसे गुजरने के दौरान कई बार वो फाटक बंद होने पर वो स्कूल में विलंब से पहुंचता है। वहीं सहादतपुरा निवासी सूरज राजभर ने कहा कि वो भी लिटिल फ्लावर स्कूल में कक्षा 9 वीं का छात्र है। वो स्कूल जाने के लिए बालनिकेतन रेलवे क्रासिंग की तरफ से गुजरता है, लेकिन फाटक बंद होने पर वो कई बार जाम में फंस जाता है। मांग कि इस समस्या के निस्तारण को लेकर अंडरपास या आरओबी का निर्माण कराया जाए। वहीं पठानटोला निवासी संदीप गुप्ता ने कहा कि वो आईटीआई का छात्र है, कॉलेज जाते समय अधिकांश बार फाटक बंद होने से काफी समय की बर्बादी होती है। वहीं मंशीपुरा निवासी तथा एलएलबी के छात्र गोपाल गुप्ता ने कहा कि जाम की समस्या के निस्तारण को लेकर आरओबी बनाया जाना बेहद जरूरी है। शीघ्र ही इस पर पहल हो जिससे वर्तमान में हो रही समस्याओं से लोगों को निजात मिल सके।
विज्ञापन