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कोहरे ने रोकी वाहनों की रफ्तार
ब्यूररो,अमर उजाला/मऊ
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:04 PM IST
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सुबह नौ बजे घने कोहरे के बीच शहर में लाइट जलाकर जाते वाहन।
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शरद ऋतु के इस सत्र में रविवार को पहले दिन कोहरा पड़ा। इस दौरान कुछ देर के लिए जनजीवन प्रभावित हो गया था। दृश्यता न होने के कारण सड़कों पर वाहन रेंगकर चल रहे थे। रविवार के दिन अचानक शुरू हुए इस कोहर के कारण लोग उसका आनंद भी उठाया। इस दौरान लोगों की दिनचर्या देर से शुरू हुई।
यह आलम जिले के हर क्षेत्र में था, शहरी क्षेत्र से बाहर निकलने पर मैदानी इलाकों में कोहरे का प्रकोप ज्यादा दिखा। इस दौरान ओस से घास और पेड़ पौधों के पत्ते भीग गए थे। सुबह सबेरे टहलने के लिए निकलने वालों को काफी दिक्कतों का सामना पड़ा। रानीपुर संवाददाता के अनुसार कोहरे का प्रकोप शनिवार की रात से ही शुरू हो गया था। रात आठ बजे के बाद से घना कोहरा छा गया था। सुबह तक प्रकोप काफी ज्यादा हो गया।
इसका परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए आम दिनों की भांति छह बजे के बजाय नौ बजे दिन निकला। रविवार को कोहरे का प्रकोप दोपहर तक जारी रहा। दोपहर के बाद कोहरा हल्का छटा और हल्की धूप निकली लेकिन उसमें कोई तेजी नहीं थी। सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो भारी कोहरे के चलते कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। जिन लोगों को बाइक से बाहर जाना था, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। दस मीटर दूरी तक भी सड़क पर साफ न दिखाई देने के चलते सवारी वाहनों और मालवाहकों को परेशानी हुई।
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सब्जियां लेकर मंडी में जाने वाले किसानों को दिक्कत हुई। काफी देर से पहुंचने पर उन्हें सब्जियाें का उचित मूल्य नहीं मिला। इधर उन किसानों को चिंता हो गई जिन्होंने अपने खेतों का पलेवा कर रखा हैं। किसानों का चिंता सताने लगी कि यदि अभी से कोहरा पड़ने लगा तो उनके खेत जुताई के योग्य हो पाने में काफी समय लगेगा। घना कोहरा होने के कारण लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। घना कोहरा होने के चलते वाहन काफी धीमी गति से चल रहे थे। दूधियों, बेक्ररी वालों को घने कोहरे के चलते दिक्कत उठानी पड़ी। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों को कोहरे के चलते ठंड का सामना करना पड़ा।
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यह आलम जिले के हर क्षेत्र में था, शहरी क्षेत्र से बाहर निकलने पर मैदानी इलाकों में कोहरे का प्रकोप ज्यादा दिखा। इस दौरान ओस से घास और पेड़ पौधों के पत्ते भीग गए थे। सुबह सबेरे टहलने के लिए निकलने वालों को काफी दिक्कतों का सामना पड़ा। रानीपुर संवाददाता के अनुसार कोहरे का प्रकोप शनिवार की रात से ही शुरू हो गया था। रात आठ बजे के बाद से घना कोहरा छा गया था। सुबह तक प्रकोप काफी ज्यादा हो गया।
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इसका परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए आम दिनों की भांति छह बजे के बजाय नौ बजे दिन निकला। रविवार को कोहरे का प्रकोप दोपहर तक जारी रहा। दोपहर के बाद कोहरा हल्का छटा और हल्की धूप निकली लेकिन उसमें कोई तेजी नहीं थी। सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो भारी कोहरे के चलते कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। जिन लोगों को बाइक से बाहर जाना था, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। दस मीटर दूरी तक भी सड़क पर साफ न दिखाई देने के चलते सवारी वाहनों और मालवाहकों को परेशानी हुई।
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सब्जियां लेकर मंडी में जाने वाले किसानों को दिक्कत हुई। काफी देर से पहुंचने पर उन्हें सब्जियाें का उचित मूल्य नहीं मिला। इधर उन किसानों को चिंता हो गई जिन्होंने अपने खेतों का पलेवा कर रखा हैं। किसानों का चिंता सताने लगी कि यदि अभी से कोहरा पड़ने लगा तो उनके खेत जुताई के योग्य हो पाने में काफी समय लगेगा। घना कोहरा होने के कारण लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। घना कोहरा होने के चलते वाहन काफी धीमी गति से चल रहे थे। दूधियों, बेक्ररी वालों को घने कोहरे के चलते दिक्कत उठानी पड़ी। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों को कोहरे के चलते ठंड का सामना करना पड़ा।