मऊ। जिले के ग्राम पंचायतों को नगर के तर्ज पर स्वच्छ बनाने की कवायद तेज हो गई है। जिले के नौ ब्लाकों के 55 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलीथिन, ठोस और तरल अपशिष्ट का प्रबंधन कर गांवों में ही निस्तारण कराया जाएगा। इसके लिए गाइड लाइन जारी की गई है। साथ ही गांवों में भी डोर टू डोर कूड़ा उठाया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के गांवों को भी नगर के तर्ज पर स्वच्छ बनाने के लिए गांवों मे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था होगी। योजना के तहत सबसे पहले जिले के 55 ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलिथीन, धातुओं, कागज, कपड़े थर्माकोल को कंटेनर के माध्यम से एक जगह पर एकत्र किया जाएगा। सफाई कर्मचारी गांवों में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र करेंगे। इसे एक निश्चित स्थान पर रखे कंटेनर में डालेंगे। वहीं घरों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केेंद्रों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के लिए नालियों, सोखता गड्ढे, वेस्ट वाटर स्टैब्लाइजेशन पॉंड निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए क्षेत्र के तालाबों को शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उचित स्थान पर नए पॉंड भी निर्मित कराए जाएंगे। इसके माध्यम से उपचारित जल का प्रयोग पीने के अलावा सिंचाई और धुलाई आदि कार्यों में किया जाएगा। जिला पंचायतराज अधिकारी अभिषेक शुक्ला ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत 55 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक, पॉलिथीन और ठोस एवं तरल अपशिष्ट का प्रबंधन होगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों की जनसंख्या के आधार पर बजट जारी होगा।