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गुजरे छह साल, पूरा नहीं हुआ इंदारा-दोहरीघाट आमान परिवर्तन

Thu, 13 Jan 2022 10:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jan 2022 10:24 PM IST
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Six years passed, Indara-Dohrighat gauge conversion was not completed
मऊ। इंदारा-दोहरीघाट आमान परिवर्तन का काम शिलान्यास के छह वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इसके निर्माण से 100 गांवों की लगभग एक लाख आबादी को लाभ मिलना है। 2016 में 165 करोड़ की लागत से इसका शिलान्यास किया गया था। आमान परिवर्तन के निर्माण के दौरान इंदारा-दोहरीघाट के बीच आठ रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास का निर्माण करने के साथ ही रेल लाइन को दो मीटर ऊंचा किया जाना है। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ जाने के चलते निर्माण कार्य पर असर पड़ा। विभाग की तरफ से दो वर्ष से समय सीमा बढ़ाई जा रही है। अब इसे अक्तूबर 2022 तक पूरा हो जाने का दावा किया जा रहा है। 35 किमी लंबे इस रेलमार्ग के लिए 165 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ। 20 अक्तूबर 2016 को तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदारा जंक्शन पर आमान परिवर्तन की आधारशिला रखी थी। जबकि एक फरवरी 2018 को केंद्र सरकार द्वारा पेश बजट में आमान परिवर्तन के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किया गया था। कार्य को 2019 में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। तकनीकी समस्या के चलते लगातार दो साल से समय सीमा बढाई जा रही है। पिछले साल बारिश के चलते आ रही समस्या के चलते आठ रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास का निर्माण करने के साथ ही रेल लाइन को दो मीटर ऊंचा किया जाना है। लगभग 30 फीसदी काम पूरा हो सका है। अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए कई बार जिले के अलग अलग संगठनों ने रेल अधिकारियों को पत्रक देने के साथ धरना-प्रदर्शन भी किया। लेकिन नतीजा अब तक सिफर है। रेलवे ने एक फरवरी 2018 को इस रेलमार्ग पर संचालित होने वाली रेलबस बंद कर नवंबर 2018 से आमान परिवर्तन का काम शुरू कराया। इंदारा से दोहरीघाट के बीच चलने वाली यह रेल बस प्रतिदिन दिन में चार चक्कर लगाती थी। इस दौरान इसमें कोपागंज, घोसी, दोहरीघाट ब्लाक के 100 गांवों से प्रतिदिन 200 से ज्यादा लोग यात्रा करते थे। मामूली टिकट दस रुपया होने के चलते इस रूट के लोगों की रेल बस पहली पंसद हुआ करती थी। इसके बंद होने से लोगों में खासी नाराजगी थी। लोगों ने प्रदर्शन भी किया। लेकिन रेलवे ने नहीं सुनी। अब लोगों को आवागमन के लिए बस या फिर निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। डिप्टी चीफ इंजीनियर रेलवे कृष्णा सिंह ने बताया कि इंदारा-दोहरीघाट आमान परिवर्तन का कार्य चल रहा है। गत वर्ष भारी बारिश के चलते जलजमाव की समस्या को देेखते हुए रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास का निर्माण करने के साथ ही रेल लाइन को दो मीटर ऊंचा किया जाना है। जलस्तर अधिक होने के चलते समस्या आ रही है। इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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