Mau: गैर इरादतन हत्या मामले में एक ही परिवार के छह लोगों को 10-10 वर्ष की सजा, 16 साल पहले हुआ था मुकदमा
मऊ जिले के दोहरीघाट थाने में 2007 में गैर इरादतन हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। कोर्ट ने मामले में नामजद एक ही परिवार के छह लोगों को सुनवाई के बाद दोषी करार दिया। सभी को 10-10 वर्ष की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामेश्वर ने गैरइरादतन हत्या मामले में नामजद एक ही परिवार के छह लोगों को सुनवाई के बाद दोषी करार दिया। गुरुवार को सभी को 10-10 वर्ष की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं क्रॉस केस के मामले में सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
मामला मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, फरसरा बुजुर्ग गांव निवासी प्रभावती देवी पत्नी राजनाथ मौर्य की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें गांव के ही अंगद मौर्य और सुभाष मौर्य पुत्रगण ब्रषकेतु मौर्य, हरिचरन उर्फ हरिश्चंद्र और घूरा उर्फ प्रेमचंद मौर्य पुत्रगण स्व. किशोर मौर्य, सतीश मौर्य पुत्र प्रेमचंद मौर्य और ब्रषकेतु उर्फ विषकेतु मौर्य पुत्र प्रह्लाद को आरोपी बनाया।
आरोप लगाया कि एक जून 2007 को उसके पट्टीदार बारजा निकाल रहे थे। इसका उसके पति राजनाथ मौर्य ने विरोध किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडे से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीचबचाव में पहुंची उसकी जेठानी विमला और जेठ शेषनाथ पर भी आरोपियों ने हमला बोला। गंभीर रूप से घायल पति को आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में भेजा था। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी राणा प्रताप सिंह और धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कुल 8 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण अंगद मौर्य, हरिचरन उर्फ हरिश्चंद, घूरा उर्फ प्रेमचंद मौर्य, सतीश मौर्य, सुभाष मौर्य और ब्रषकेतु उर्फ विषकेत मौर्य को बलवा, मारपीट और गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।