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बैठी धरने पर
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
Updated Thu, 03 Dec 2015 11:08 PM IST
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घोषी कोतवाली क्षेत्र के करपिया मलिक गांव की रहने वाली रंभा यादव पिछले
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16 दिनों से अपनी मां के साथ कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठी है। मां-बेटी ने
आरोप लगाया कि गांव के दबंगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है।
कई बार गुहार लगाने पर भी अधिकारियों ने हमारी कोई सुधि नहीं ली। कहा कि अगर पांच दिसंबर तक कोई कार्यवाही नहीं हुई तो हमलोग छह दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठेंगे।
रंभा यादव ने सिटी मजिस्ट्रेट को लिखे गए अपने प्रार्थनापत्र में कहा है कि उसकी जमीन पर गांव के दबंगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। कई बार के प्रार्थनापत्र देने पर भी जिम्मेदार प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। विवश होकर अपनी विधवा मां के साथ 18 नवंबर से धरने पर बैठी है।
लेकिन 16 दिनों में किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने उसकी सुधि नहीं ली है। उसने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की इस उपेक्षा से लाचार होकर वह छह दिसंबर से कलेक्ट्रेट गेट पर आमरण अनशन करेगी और तब तक आमरण अनशन समाप्त नहीं करेगी जब तक उसकी मांगेें पूरी नहीं हो जातीं।
कुछ महीनों पूर्व भी रंभा अपनी मां के साथ धरने पर बैठी थी। लेकिन अधिकारियों से केवल आश्वासन देकर उसका धरना समाप्त करा दिया था।
इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय ने कहा कि इनके पटिदार ने मकान बना लिया है और ये दोनों चाहती हैं कि इनको सीधी जमीन मिले इस मामले में एक बार मारपीट भी हो चुकी है जिसमें पटिदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। ये मामला हमारे स्तर का नहीं है।
कई बार गुहार लगाने पर भी अधिकारियों ने हमारी कोई सुधि नहीं ली। कहा कि अगर पांच दिसंबर तक कोई कार्यवाही नहीं हुई तो हमलोग छह दिसंबर से आमरण अनशन पर बैठेंगे।
रंभा यादव ने सिटी मजिस्ट्रेट को लिखे गए अपने प्रार्थनापत्र में कहा है कि उसकी जमीन पर गांव के दबंगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। कई बार के प्रार्थनापत्र देने पर भी जिम्मेदार प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। विवश होकर अपनी विधवा मां के साथ 18 नवंबर से धरने पर बैठी है।
लेकिन 16 दिनों में किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने उसकी सुधि नहीं ली है। उसने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की इस उपेक्षा से लाचार होकर वह छह दिसंबर से कलेक्ट्रेट गेट पर आमरण अनशन करेगी और तब तक आमरण अनशन समाप्त नहीं करेगी जब तक उसकी मांगेें पूरी नहीं हो जातीं।
कुछ महीनों पूर्व भी रंभा अपनी मां के साथ धरने पर बैठी थी। लेकिन अधिकारियों से केवल आश्वासन देकर उसका धरना समाप्त करा दिया था।
इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट अमरनाथ राय ने कहा कि इनके पटिदार ने मकान बना लिया है और ये दोनों चाहती हैं कि इनको सीधी जमीन मिले इस मामले में एक बार मारपीट भी हो चुकी है जिसमें पटिदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। ये मामला हमारे स्तर का नहीं है।