{"_id":"664c8845e202f9cd02099466","slug":"shia-sunni-burial-dead-body-in-mau-crowd-gathered-cemetery-2024-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: शव दफनाने को लेकर आमने-सामने हुए शिया-सुन्नी, क्रबिस्तान पर जुटी भीड़, दौड़ी-भागी पहुंची पुलिस; फिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: शव दफनाने को लेकर आमने-सामने हुए शिया-सुन्नी, क्रबिस्तान पर जुटी भीड़, दौड़ी-भागी पहुंची पुलिस; फिर
Tue, 21 May 2024 05:12 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Tue, 21 May 2024 05:12 PM IST
सार
Mau News: सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह जिले के उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना देते हुए मय फोर्स मौके पर पहुंच गए और दोनों ही पक्षों से बात करने में जुट गए, लेकिन घंटों वार्ता करने के बाद भी दोनों ही पक्ष अपनी अपनी जिद पर अड़ा था।
विज्ञापन
पुलिस दोनों पक्षों को ले आई थाने।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शव दफनाने को लेकर कोपागंज चमनरोड स्थित कब्रिस्तान पर एक ही समुदाय के दो सोमवार की देर रात्रि आमने सामने आ गए। एक पक्ष में उनके ही बिरादरी के किसी की मौत हो गई। वह पक्ष शव को दफनाना चाह रहा था, लेकिन दूसरा पक्ष अपना क्रबिस्तान बताते हुए शव को दफन नहीं करने दे रहे थे।
विज्ञापन
घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को लगी तो उच्चाधिकारियों को सूचना देते हुए मौके पर पहुंच गई और दोनों पक्षो से वार्ता करते हुए मंगलवार की सुबह दोनों पक्ष को थाना में तलब किया है। कोपागंज के गाड़ा स्थित क्रबिस्तान में शव दफनाने को लेकर वर्षों से शिया सुन्नी के बीच विवाद चला आ रहा है। जबकि सुन्नी वर्ग अपना क्रबिस्तान बताते हुए शव दफनाने नही देता है, तो शिया वर्ग भी उक्त क्रबिस्तान को अपना बताते हुए शव दफन किए जाने का दावा करता है।
विज्ञापन
सोमवार की दोपहर कस्बे के फुलेलपुरा स्थित मेहंदी हसन (60) पुत्र फैय्याज हुसैन की मौत हो गई तो परिजन सोमवार की रात्रि उक्त क्रबिस्तान में शव दफनाने के लिए गड्ढा खोद रहे थे। जैसे ही इसकी जानकारी दूसरे पक्ष को लगी तो गड्ढा खोदने से रोकते हुए वहीं डट गए। तत्काल इसकी जानकारी शिया वर्ग द्वारा पुलिस प्रशासन को दी गई।
विज्ञापन
पुलिस ने मंगलवार की सुबह दोनों पक्ष को थाना में तलब किया है। समाचार लिखे जाने तक शिया समुदाय थाना पहुंच गया है, अभी दूसरे पक्ष नहीं पंहुचा था।