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Mau News: सील क्लिनिक खुला, सवाल उठे तो फिर जड़ा ताला
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मामला का खुलासा होते ही हो गया दुबारा सील
बड़राव ब्लॉक क्षेत्र के मादी सिपाह बाजार स्थित रीता क्लिनिक को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सील किए जाने के महज 25 दिन बाद दोबारा खोल दिए जाने और मरीजों का इलाज किए जाने पर सवाल खड़े हो गए।
मामले की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जिला मुख्यालय से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आनन-फानन में क्लिनिक को दोबारा सील कर दिया। विभागीय जिम्मेदारों ने इसका कारण कंफ्यूजन बताते हुए कहा कि बाद में इसे सुधार दिया गया।
23 जून को टीम के स्टिंग ऑपरेशन में रीता क्लिनिक के संचालक पर अवैध रूप से क्लिनिक संचालित करने की आड़ में गर्भपात कराने की कथित सेटिंग का खुलासा हुआ था।
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इसके बाद 25 जून को बड़राव सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लिनिक को सील कर दिया था।
सोमवार को यह फिर से खुल गया। स्थानीय नागरिक सुरेंद्र, राजकुमार, अनुराग और विवेक का कहना है कि जब चिकित्सा महानिदेशक स्तर से जांच के आदेश हैं और अस्पताल पहले से सील किया जा चुका है, तो आखिर वह दोबारा कैसे संचालित होने लगा।
क्या उसे वैधानिक अनुमति मिल गई थी या फिर सीलिंग की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई। नागरिकों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सील होने के महज 25 दिन बाद क्लिनिक के दोबारा संचालित होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को लेकर बाजार में दिनभर चर्चाओं का दौर जारी रहा।
कोट-- -
कंफ्यूजन के चलते टीम ने मांदी स्थित सीज अस्पताल को खोल दिया था। अब अस्पताल को स्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है।
-डॉ. पंकज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मऊ
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मामले की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जिला मुख्यालय से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आनन-फानन में क्लिनिक को दोबारा सील कर दिया। विभागीय जिम्मेदारों ने इसका कारण कंफ्यूजन बताते हुए कहा कि बाद में इसे सुधार दिया गया।
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23 जून को टीम के स्टिंग ऑपरेशन में रीता क्लिनिक के संचालक पर अवैध रूप से क्लिनिक संचालित करने की आड़ में गर्भपात कराने की कथित सेटिंग का खुलासा हुआ था।
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इसके बाद 25 जून को बड़राव सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लिनिक को सील कर दिया था।
सोमवार को यह फिर से खुल गया। स्थानीय नागरिक सुरेंद्र, राजकुमार, अनुराग और विवेक का कहना है कि जब चिकित्सा महानिदेशक स्तर से जांच के आदेश हैं और अस्पताल पहले से सील किया जा चुका है, तो आखिर वह दोबारा कैसे संचालित होने लगा।
क्या उसे वैधानिक अनुमति मिल गई थी या फिर सीलिंग की कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई। नागरिकों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सील होने के महज 25 दिन बाद क्लिनिक के दोबारा संचालित होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को लेकर बाजार में दिनभर चर्चाओं का दौर जारी रहा।
कोट
कंफ्यूजन के चलते टीम ने मांदी स्थित सीज अस्पताल को खोल दिया था। अब अस्पताल को स्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है।
-डॉ. पंकज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मऊ