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स्कूली बच्चों ने ली पटाखों से पर्यावरण को बचाने की शपथ
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पिपरीडीह।परदहां ब्लाक क्षेत्र के रैकवारेडीह स्थित केएनएस इंटर कालेज में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण गोष्ठी का आयोजन किया गया।गोष्ठी में उपस्थित छात्र छात्राओं को प्रधानाचार्य सुनील पांडेय ने दिवाली के त्योहार पर छात्र छात्राओं द्वारा पटाखे न जलाकर पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।प्रधानाचार्य ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि अक्सर पटाखों से बच्चों को चोट भी लग जाती है। इन समस्याओं और प्रदूषण से बचने का सबसे सरल उपाय है कि हम पटाखे से दूर रहे।
कहा कि हमारे धर्म ग्रंथों में भी कहीं नहीं लिखा है कि रोशनी के महा पर्व पर तेज आवाज करें तथा पटाखे जलाएं। हम दिवाली भगवान राम के वनवास से अयोध्या वापसी की याद में मनाते हैं तो इस पर्व को उसी गरिमा और परंपरा के अनुरूप मनाना चाहिए। इस पर्व पर खूब रोशनी करें, उन घरों को रोशन करने का प्रयास करें जहां किन्ही कारणों से दिवाली के दीये नहीं जल पाते हैं। अपने छोटे से प्रयास से हम पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। वहीं प्रबंधक सुधाकर पांडेय ने कहा कि पटाखों से वायु प्रदूषण के अलावा ध्वनि प्रदूषण होता है। इन्हें रोकने,पशु-पक्षी और पौधों को बचाने के लिए सभी लोगो को जागरूक होना होगा।
उन्होंने साथ ही बच्चों से अपील किया कि चाइनीज लाइट के प्रयोग के बजाय हर बच्चे अधिक से अधिक मिट्टी के दीयों का प्रयोग करें। हर साल हमारे देश में पटाखा जलाने और उससे होने वाले प्रदूषण के कारण दुर्घटना के कितने मामले सामने आते हैं। दिवाली खुशियों का त्योहार है। लेकिन पटाखा जलाकर पर्यावरण को दूषित किया जा रहा है।वही सभी छात्र छात्राओं ने मिलकर निर्णय लिए कि इस दीवाली पर पटाखा नहीं जलाएंगे। मिट्टी के बने दीप ही जलाएंगे। इस मौके पर निदेशक निखिल पांडेय,अन्नु पांडेय, निक्की पांडेय, मुरलीधर यादव,उपेंद्र चौहान, काशीनाथ पांडेय, सुरज चौहान, राघवेंद्र सिंह,विनोद पांडेय प्रेमचंद आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
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कहा कि हमारे धर्म ग्रंथों में भी कहीं नहीं लिखा है कि रोशनी के महा पर्व पर तेज आवाज करें तथा पटाखे जलाएं। हम दिवाली भगवान राम के वनवास से अयोध्या वापसी की याद में मनाते हैं तो इस पर्व को उसी गरिमा और परंपरा के अनुरूप मनाना चाहिए। इस पर्व पर खूब रोशनी करें, उन घरों को रोशन करने का प्रयास करें जहां किन्ही कारणों से दिवाली के दीये नहीं जल पाते हैं। अपने छोटे से प्रयास से हम पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। वहीं प्रबंधक सुधाकर पांडेय ने कहा कि पटाखों से वायु प्रदूषण के अलावा ध्वनि प्रदूषण होता है। इन्हें रोकने,पशु-पक्षी और पौधों को बचाने के लिए सभी लोगो को जागरूक होना होगा।
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उन्होंने साथ ही बच्चों से अपील किया कि चाइनीज लाइट के प्रयोग के बजाय हर बच्चे अधिक से अधिक मिट्टी के दीयों का प्रयोग करें। हर साल हमारे देश में पटाखा जलाने और उससे होने वाले प्रदूषण के कारण दुर्घटना के कितने मामले सामने आते हैं। दिवाली खुशियों का त्योहार है। लेकिन पटाखा जलाकर पर्यावरण को दूषित किया जा रहा है।वही सभी छात्र छात्राओं ने मिलकर निर्णय लिए कि इस दीवाली पर पटाखा नहीं जलाएंगे। मिट्टी के बने दीप ही जलाएंगे। इस मौके पर निदेशक निखिल पांडेय,अन्नु पांडेय, निक्की पांडेय, मुरलीधर यादव,उपेंद्र चौहान, काशीनाथ पांडेय, सुरज चौहान, राघवेंद्र सिंह,विनोद पांडेय प्रेमचंद आदि शिक्षक उपस्थित रहे।
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