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नए वर्ष में पहली बार बजी स्कूलों की घंटी
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स्कूल खुलने के बाद नगर के शिक्षा विभाग कालोनी स्थित प्राथमिक स्कूल में पढ़ाते शिक्षक।
- फोटो : MAU
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कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर की रफ्तार कम होने के बाद सोमवार से नर्सरी से आठवीं कक्षा के स्कूल खुल गए। बच्चों के प्रवेश के समय स्कूल के मेन गेट पर ही थर्मल स्कैनिंग की गई। साबुन से हाथ धुलवाकर कोविड प्रोटोकाल के तहत कक्षा में भेजा गया। 2022 में पहले दिन बच्चों ने स्कूल का मुंह देखा।
जिले में बेसिक शिक्षा से संबद्ध दो हजार से अधिक विद्यालयों में लगभग 3.50 लाख से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार से फरमान जारी करने के बाद सोमवार से नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल खुल गए। बच्चों में विद्यालय जाने का उत्साह देखा गया। विद्यालयों के लंबे समय तक बंद रहने से सरकारी विद्यालयों में 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे आनलाइन पढ़ाई से वंचित थे। प्रत्येक कक्षाओं के बच्चों का कोर्स पिछड़ गया है। इसको देखते हुए छात्र छात्राएं किसी भी स्थिति में कक्षाओं को छोड़ना नहीं चाहते हैं। स्कूल खुलने के बाद पाठ्यक्रम को पूरा कराने की कवायद तेज हो गई है। इस संबंध में तालीमुद्दीन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य मुहम्मद मजहर ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थिति और पढ़ाई दोनों ही कम होती है। अब पाठ्यक्रम को पूरा कराने के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में जीजीआईसी इमिलिया की प्रधानाचार्या नीलम गुप्ता का कहना था कि समय कम है। अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पाठ्यक्रम को पूरा कराया जाएगा।
विद्यार्थी बोले, क्लास में समस्या का होगा तत्काल समाधान
मऊ। कोरोना की तीसरी लहर कम होने के बाद सोमवार को जब बच्चे विद्यालय पहुंचे तो काफी खुश नजर आए। छात्र आकाश कुमार का कहना था कि विद्यालय आकर पढ़ाई करना अच्छा लग रहा है। आनलाइन पढ़ाई में समस्या आ रही थी। कठिनाई आने पर क्लास में ही समाधान हो जाएगा। प्रियांशु सिंह ने बताया कि आनलाइन पढ़ाई में व्यवधान आ रहा था। अब समस्या का समाधान कक्षा में ही हो जा रहा है। छात्रा सौम्या चौधरी का कहना था कि क्लास में बैठकर पढ़ाई करने पर समस्या हल हो जाती है। जबकि आनलाइन पढ़ाई में कई परेशानियां आती हैं। छात्रा नेहा पासवान का कहना है कि काफी समय बाद विद्यालय में पढ़ाई करना बहुत ही अच्छा लग रहा है।
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जिले में बेसिक शिक्षा से संबद्ध दो हजार से अधिक विद्यालयों में लगभग 3.50 लाख से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार से फरमान जारी करने के बाद सोमवार से नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल खुल गए। बच्चों में विद्यालय जाने का उत्साह देखा गया। विद्यालयों के लंबे समय तक बंद रहने से सरकारी विद्यालयों में 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे आनलाइन पढ़ाई से वंचित थे। प्रत्येक कक्षाओं के बच्चों का कोर्स पिछड़ गया है। इसको देखते हुए छात्र छात्राएं किसी भी स्थिति में कक्षाओं को छोड़ना नहीं चाहते हैं। स्कूल खुलने के बाद पाठ्यक्रम को पूरा कराने की कवायद तेज हो गई है। इस संबंध में तालीमुद्दीन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य मुहम्मद मजहर ने बताया कि ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थिति और पढ़ाई दोनों ही कम होती है। अब पाठ्यक्रम को पूरा कराने के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में जीजीआईसी इमिलिया की प्रधानाचार्या नीलम गुप्ता का कहना था कि समय कम है। अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पाठ्यक्रम को पूरा कराया जाएगा।
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विद्यार्थी बोले, क्लास में समस्या का होगा तत्काल समाधान
मऊ। कोरोना की तीसरी लहर कम होने के बाद सोमवार को जब बच्चे विद्यालय पहुंचे तो काफी खुश नजर आए। छात्र आकाश कुमार का कहना था कि विद्यालय आकर पढ़ाई करना अच्छा लग रहा है। आनलाइन पढ़ाई में समस्या आ रही थी। कठिनाई आने पर क्लास में ही समाधान हो जाएगा। प्रियांशु सिंह ने बताया कि आनलाइन पढ़ाई में व्यवधान आ रहा था। अब समस्या का समाधान कक्षा में ही हो जा रहा है। छात्रा सौम्या चौधरी का कहना था कि क्लास में बैठकर पढ़ाई करने पर समस्या हल हो जाती है। जबकि आनलाइन पढ़ाई में कई परेशानियां आती हैं। छात्रा नेहा पासवान का कहना है कि काफी समय बाद विद्यालय में पढ़ाई करना बहुत ही अच्छा लग रहा है।
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