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Satta Ka Sangram: सिक्योरिटी के लिए सरकारी नौकरी, शिक्षा के लिए मिले स्कॉलरशिप; युवाओं ने खुलकर रखे विचार

Wed, 22 May 2024 02:03 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 22 May 2024 02:03 PM IST
सार

Satta Ka Sangram: अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ बुधवार को मऊ जिले के घोसी लोकसभा क्षेत्र में पहुंचा। दोपहर में युवाओं से उनके मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान बेरोजगारी, स्वास्थ्य और शिक्षा का मुद्दा उठा। 

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Satta ka sangram youth voters expressed opinion in ghosi lok sabha in Mau
घोसी में युवाओं से चर्चा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमर उजाला की लोकसभा चुनाव को लेकर ग्राउंड जीरो पर मौजूद है और सत्ता का संग्राम अभियान के तहत जनता का मन टटोलने का प्रयास कर रही है। इस कड़ी में टीम बुधवार को मऊ जिले के घोसी लोकसभा क्षेत्र में पहुंची। सुबह चाय पर चर्चा कर आम मतदाताओं के मुद्दों को जानने के बाद दोपहर में युवाओं के मुद्दों पर बातचीत की गई। शाम को नेताओं से उनके दावे-वादे को लेकर सवाल पूछे जाएंगे। 
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हमें शिक्षा के साथ रोजगार भी चाहिए
चुनावी चर्चा में डीसीएसके पीजी कॉलेज के छात्रों ने अपना पक्ष खुलकर रखा। इस दौरान आजम ने कहा कि हमें शिक्षा के साथ रोजगार भी चाहिए। कोई भी माता-पिता बिना रोजगार के अपने बच्चों को शिक्षा नहीं दिला सकता। कोई भी सरकार हो उससे उम्मीद करते हैं कि छात्रसंघ का चुनाव हो और अपनी आवाज को उठाने का मौका मिले। इसी सरकार से निवेदन करूंगा कि हम छात्रों की बात को संज्ञान में ले। हमारे हिस्से की बात करे। लोकतंत्र के महापर्व में हर कोई हिस्सा लेना चाहता है, लेकिन सरकार को हमारे हिस्से की बात को भी सदन में उठाए।   
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नौकरी में सेक्योरिटी होनी चाहिए

Satta ka sangram youth voters expressed opinion in ghosi lok sabha in Mau
घोसी में युवाओं से चर्चा - फोटो : अमर उजाला
दीपक का कहना था कि मेरा सरकार से अपील है कि संविदा नौकरियां नहीं होना चाहिए। प्राइवेट नौकरी का भरोसा नहीं होता। क्योंकि बहुत सारी कंपनियां हैं, जो घाटे के कारण कई बार बंद हो जाती हैं। ऐसे में कई हजार लोग बेरोजगार हो जाते हैं। नौकरी में स्थायित्व चाहिए और इसके लिए सरकारी भर्तियां होनी चाहिए। 

सरकारी अस्पतालों में नहीं मिलती सुविधाएं

कार्तिक ने कहा कि छात्रों के बारे में कोई नहीं सोचता। स्वास्थ्य की व्यवस्था कितनी भी हो लेकिन सरकारी अस्पतालों में जाने पर जमीनी स्तर पर सुविधाएं नहीं मिलती। बेड होने पर भी मरीज को नहीं उपलब्ध कराया जाता है। डॉक्टर कमीशन की वजह से बाहर की दवाएं लिखते हैं। मेडिकल विभाग को इसका संज्ञान लेना चाहिए।   

युवाओं ने स्कॉलरशिप का उठाया मुद्दा

कुछ छात्रों ने स्कॉलरशिप का मुद्दा भी उठाया। कहा कि समाज कल्याण विभाग से मिलने वाला स्कॉलरशिप पूरा मिलना चाहिए। इसमें नए नियम के तहत घोटालेबाजी भी की जा रही है। कॉलेज शुल्क से आधा स्कॉलरशिप मिल रहा है। इसका संज्ञान लेना चाहिए और छात्रों को पूरा स्कॉलरशिप मिलना चाहिए, जिससे आगे की पढ़ाई करने में सुविधा मिले। 
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