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ऑक्सीजन खत्म होने पर किया रेफर, किशोर की मौत

Mon, 12 Jul 2021 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 11:12 PM IST
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Referred to after oxygen ran out, teenager dies
मऊ। तीसरी लहर से बचाव को लेकर युद्धस्तर पर तैयारियों का दावा तो किया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही बयां कर रहा है। सोमवार को ऐसा ही जिला अस्पताल में देखने को मिला। जहां 24 घंटे पहले भर्ती एक किशोर की मौत हो गई। किशोर की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप था कि उसके दिव्यांग पुत्र के इलाज के दौरान ऑक्सीजन खत्म होने पर स्वास्थ्य कर्मियों ने बीएचयू रेफर कर दिया जिससे बीच में ही बेटे की हालत खराब होने से बेटे की जान चली गई। उधर इस लापरवाही को लेकर जहां जिला अस्पताल प्रबंधन कुछ कहने से बचता रहा, वहीं सीएमओ ने इस मामले में सीएमएस से जानकारी लेनी की बात कही गई।
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सदर तहसील के जगभानपुर निवासी रुद्रदत्त मिश्रा ने बताया कि रविवार की शाम वह अपने पुत्र हरिओम मिश्रा (16) की तबियत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने बताया कि उसे निमोनिया की समस्या है, उसे भर्ती कर उसका उपचार शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि रविवार की दोपहर तक उसका पुत्र स्वस्थ्य था, अचानक उसे सांस लेने में तकलीफ होने पर उसे आक्सीजन लगाया लेकिन कुछ देर बाद सिलिंडर भी खत्म हो गया।
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इस बीच ड्यूूटी पर मौजूद चिकित्सक ने बच्चें की गंभीर स्थिति देखते हुए बीएचयू रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर निकल पाते इससे पहले किशोर ने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत से दुखी पिता और उसके परिवार के सदस्यों ने किशोर के शव को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर रखकर विरोध शुरू कर दिया। परिजनों के विरोध की सूचना पर सरायलंखसी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन परिजन इस लापरवाही पर दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते रहे।
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वेंटीलेटर है लेकिन नहीं है टेक्नीशियन
मऊ। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमण की पहली लहर में तीन वेंटीलेटर आए है। लेकिन आज तक टेक्नीशियन न होने के चलते शोपीस बना हुआ है। सोमवार को भी इस घटना में किशोर की जान बचाई जा सकती थी। चौकाने वाली बात है कि अस्पताल परिसर में तीसरी लहर से बचाव को लेकर वेंटीलेटर बेड सहित दूसरी सुविधाएं है। इसमें भी मृतक किशोर को भर्ती किया जा सकता था।

घटना के संबंध में सीएमएस डॉ. बृजकुमार का कहना था मरीज भर्ती था, गंभीर हालात देखते हुए उसे रेफर किया गया। जहां उसकी मौत हो गई। वहीं इस मामले में सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह ने कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। इस मामलेे में सीएमएस से जानकारी ली जाएगी।
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