फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   The pump canal machinery is modern, but the walls are 70 years old.

Mau News: पंप कैनाल की मशीनें आधुनिक पर दीवारें 70 साल पुरानी

Tue, 06 Oct 2026 01:44 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2026 01:44 AM IST
विज्ञापन
The pump canal machinery is modern, but the walls are 70 years old.
दोहरीघाट के रौदा भगवानपुर गांव में नहर की दीवारों पर उभरी ईंटे और रिसता पानी। संवाद पड़ताल
मऊ/ कुसुम्हा। चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल का 26.38 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण हुआ है। यहां आधुनिक मशीनें, नए मोटर पंप और पैनल लगाए गए। 26 सितंबर को जलशक्ति मंत्री ने फीता काटकर उद्घाटन भी किया था।
विज्ञापन

लेकिन कैनाल की दीवारें 70 साल पुरानी हैं। आधुनिक मोटर से निकलने वाली पानी की रफ्तार सहने वाली नहर की दीवारों की तरफ विभाग का ध्यान नहीं गया। 70 साल पुरानी नहर की दीवारें चटकने से ईंटें बाहर निकल गई हैं। इसके कारण रिसाव होने से रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
विज्ञापन

सोमवार को नहर का हाल जानने के लिए टीम पड़ताल पर निकली। पता चला कि अंदर से नहर की दीवारों में सीमेंट-बालू लगाकर मरम्मत कराई गई, लेकिन सतह पर अब भी काई जमी है। इससे पानी का रिसाव हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पक्की नहर की मरम्मत और सफाई के लिए हर साल 50 से 55 लाख रुपये का बजट सिंचाई विभाग को मिलता है। लेकिन नहर की स्थिति ये है कि अंदर काई की मोटी परत जम गई है। ऊपर झाड़ियां उग आई हैं।
वर्ष 1952 (प्रथम पंचवर्षीय योजना) में दोहरीघाट में सरयू नदी पर चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल का निर्माण हुआ था। बलिया के मालीपुर तक इसकी लंबाई 60 किलोमीटर है। 35.600 किलोमीटर हिस्सा मऊ जिले में है। इससे दोनों जिलों की 55 हजार हेक्टेयर खेती इसी पानी पर निर्भर है।

प्रथम पंचवर्षीय योजना में बनी ये नहर एशिया की पहली नहर थी। सरयू नदी से 12 मोटर पंप के जरिये इसमें पानी छोड़ा जाता है। कई दशकों से ये नहर दोनों जिलों के हजारों किसानों का सहारा है। इस नहर से चार रजवाहे और 40 माइनर निकली हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से देखरेख के अभाव में नहर में मोटी सिल्ट (गाद) जमा हो गई है। जगह-जगह से दीवारों में दरारें आ गई हैं। किसानों का आरोप है कि कभी सफाई के नाम तो कभी दूसरे कारणों से पानी अक्सर बंद रहता है। लेकिन जब भी नहर चालू होती है फटी दीवारों से रिसाव से रोजाना हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed