मुहम्मदाबाद गोहना। शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में दिए गए आवासों की जांच कराई जा रही है। अपात्रों को चिह्नित कर उनसे धन की रिकवरी का आदेश जारी हो गया है। वर्ष 2016-17 व 20-21 में कुल 16 लोगो को चिह्नित कर उनसे आवंटित धन की वापसी का आदेश जारी किया गया है। ऐसे में लाभार्थियों में हड़कंप मचा है। प्रदेश सरकार ने आवास के नाम पर धन की बंदरबांट किए जाने की जांच कराने का निर्णय लिया है। 2016-17 में मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक में आवासों के लिए धन आवंटित किया गया लेकिन पैसा मिलने के बाद भी कुछ लोगों ने या तो आवास नहीं बनवाया या फिर अपात्र होते हुए भी गलत तथ्यों के आधार पर आवास की धनराशि ले ली। जांच में पाया गया कि दपेहडी ग्राम पंचायत में सबसे अधिक सात आपत्रों ने आवास की रकम ली है। इसमें से चार लोगों को पहली किस्त के 40 हजार और दो लोगों को एक लाख 10 हजार रुपए दिए गए थे। कुछ ने मकान का निर्माण नहीं कराया और कुछ ने अपात्र होते हुए भी आवास ले लिया। इसी तरह कोठिया, बंदी कला, अलाउद्दीनपुर, नगरीपार, नोनियापुर, सुरहूरपुर, भदवा, अरैला ग्राम पंचायतों में भी भ्रष्टाचार किया गया। जांच के बाद प्रशासन की जारी चिट्ठी से लाभार्थियों में हड़कंप मचा है। हालांकि इसमें से विभिन्न गांवों के नौ लोगों ने आवंटित किस्त के 40 हजार रुपए शासन को वापस कर दिए हैं। बीडीओ चंद्रभान मौर्य ने बताया कि 2016-17 से लेकर 2021 तक के आवास लाभार्थियों की जांच कराई जा रही है। अपात्रों से धनराशि वापस किए जाने की नोटिस जारी किया गया है। नौ ने पैसा वापस कर दिया है। धन वापस ने करने वालो की सूची जिला प्रशासन व शासन को भेजी जाएगी।