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Mau News: बुजुर्ग की मौत पर खड़े हुए सवाल, परिजनों का आरोप, खराब रास्ते के कारण घर नहीं पहुंची एंबुलेंस

Sat, 12 Apr 2025 05:12 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Sat, 12 Apr 2025 05:12 PM IST
सार

परदहा ब्लाक के ओंहाइच गांव में बुजुर्ग की मौत ने व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया आरोप है कि खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी और इलाज की सुविधा न मिलने से जिंदगी नहीं बच सकी। 
 

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Questions raised on the death of the elderly family members allege that the ambulance did not reach home due
एंबुलेंस से लाया गया बुजुर्ग का शव - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

परदहा ब्लाक के ओंहाइच गांव में खराब रास्ता शनिवार को बीमार एक व्यक्ति के घर पर एंबुलेंस के पहुंचने में बाधक बनी। कारण मरीज को अस्पताल पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा का विलंब हुआ, जहां मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो गई।

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रास्ता बदहाल होने के चलते परिजन डेढ़ किमी संकरा रास्ता तक बीमार मरीज को खटिया से लेकर एंबुलेंस तक पहुंचे थे। उधर इस घटना को लेकर जहां पूरे जिले में चर्चा होती रही, वहीं खराब सड़क और जिला प्रशासन के विकास के दावे की हकीकत को बयां करता दिखा।
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जानकारी के अनुसार परदहा ब्लाक क्षेत्र के ओंहाइच गांव निवासी गुलाबचंद्र श्रीवास्तव 62 की शनिवार की भोर पांच बजे अचानक तबियत खराब हो गई। इस पर उनके बड़ा बेटा दीपक श्रीवास्तव ने 108 एंबुलेंस को इसकी सूचना दी, सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद एंबुलेंस ओंनाइच गांव पहुंच गई।
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लेकिन गुलाबचंद्र के घर को जाने वाले रास्ता अतिक्रमण होने के चलते संकरा होने के चलते एबुलेंस अंदर नहीं जा सकी। जिसके कारण एंबुलेंस वापस गांव के मुख्य मार्ग पर वापस पहुंची। उधर परिजन बीमार गुलाबचंद्र को खटिया के बने स्ट्रेचर से लेकर करीब एक किमी दूर खड़ी एंबुलेंस के पास पहुंची।


यहां परिजन 25 मिनट में जिला अस्पताल पहुंचे, यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दीपक ने बताया कि सही समय पर सूचना देने पर एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता से रास्ता पर अतिक्रमण के चलते संकरा मार्ग होने से यह जागरूकता भी उसके पिता को बचा नहीं सकी।

 मृतक गुलाब चंद्र श्रीवास्तव पेशे से किसान थे। उनके दो लड़के और दो लड़कियां हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय है।

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