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धनतेरस पर जमकर खरीदारी
mau news
Updated Tue, 17 Oct 2017 11:46 PM IST
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दूकान से खरीदारी करते लोग।
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दीपावली के पूर्व धनतेरस के दिन बाजारों में खरीददारी की भीड़ उमड़ पड़ी। शाम होते-होते बर्तन, सर्राफा, मूर्तियों आदि की दूकानों पर पांव रखने की जगह नहीं मिली। अपने सामर्थ्य के अनुसार हर लोगों ने किसी न किसी सामान की खरीदारी की। हिंदू धर्म के इस महत्वपूर्ण त्योहार पर महंगाई के बावजूद आस्था भारी पड़ती दिखी।
धनतेरस के एक दिन पूर्व सोमवार को ही बर्तन, सर्राफा आदि की दूकानें सजनी शुरू हो गई थी। महंगाई के चलते लोगों का अनुमान था कि बाजारों में बिक्री पहले की अपेक्षा कम रहेगी लेकिन शाम होते-होते नगर सहित हर छोटी बड़ी बर्तन, मूर्ति व आभूषणों की दूकानों पर भीड़ देखकर कारोबारी भी दंग रह गए। लोगों ने धनतेरस पर जमकर खरीदारी की। बाजार में सबसे अधिक बिक्री बर्तनों की रही। वहीं दूसरे नंबर पर सर्राफा व्यवसाय दिखा। बर्तनों में जहां अधिकांश लोगों ने अपने-अपने जरूरत के हिसाब से कूकर, टिफीन, बाल्टी, गिलास, लोटा, चम्मच, डीनर सेट, टी सेट, भगौना, ड्रम खरीदा। वहीं अधिकांश लोगों ने छोटी वस्तुएं खरीदकर धनतेरस की रस्म अदायगी की। छोटे बर्तनों में सर्वाधिक बिक्री पीतल के पूजा सामग्रियों की रही। लोगों ने दीपदान, लोटिया, घंटी आदि की खरीदारी की। बर्तन विक्रेता रविंद्र कुमार ने बताया कि धनतेरस पर बाजार ठीक रहा। लोगों ने अपेक्षाकृत अधिक खरीदारी की। इस दौरान करीब दस लाख के बर्तन बिके होंगे। इसीक्रम में आभूषणों की दूकानों पर धनतेरस के अवसर पर ज्यातर चांदी के सिक्के, लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, गिन्नी, नेकलेस, झूमका की पूछ रही। इसी तरह अन्य सामानों की दूकानों पर भारी भीड़ रही। सर्राफा व्यवसायी विजय सर्राफ ने बताया कि बताया कि जिले में सर्राफा कारोबार 10 करोड़ होने का अनुमान है। इलेक्ट्रानिक सामान के विक्रेता मूरली गुप्ता ने बताया कि करीब छह लाख रुपये अधिक का बाजार हुआ होगा। विरोध के बाद भी बाजार में चाइनीज झालरों व अन्य रोशनी के सामानों की बिक्री ज्यादा रही। आटो मोबाइल में करीब 13 करोड़ रुपये का कारोबार टू व्हीलरों का हुुआ है। जबकि थ्री व्हीलर, ट्रैक्टर और चार पहिया वाहनों का जिले में पांच करोड़ का कारोबार हुआ।
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धनतेरस के एक दिन पूर्व सोमवार को ही बर्तन, सर्राफा आदि की दूकानें सजनी शुरू हो गई थी। महंगाई के चलते लोगों का अनुमान था कि बाजारों में बिक्री पहले की अपेक्षा कम रहेगी लेकिन शाम होते-होते नगर सहित हर छोटी बड़ी बर्तन, मूर्ति व आभूषणों की दूकानों पर भीड़ देखकर कारोबारी भी दंग रह गए। लोगों ने धनतेरस पर जमकर खरीदारी की। बाजार में सबसे अधिक बिक्री बर्तनों की रही। वहीं दूसरे नंबर पर सर्राफा व्यवसाय दिखा। बर्तनों में जहां अधिकांश लोगों ने अपने-अपने जरूरत के हिसाब से कूकर, टिफीन, बाल्टी, गिलास, लोटा, चम्मच, डीनर सेट, टी सेट, भगौना, ड्रम खरीदा। वहीं अधिकांश लोगों ने छोटी वस्तुएं खरीदकर धनतेरस की रस्म अदायगी की। छोटे बर्तनों में सर्वाधिक बिक्री पीतल के पूजा सामग्रियों की रही। लोगों ने दीपदान, लोटिया, घंटी आदि की खरीदारी की। बर्तन विक्रेता रविंद्र कुमार ने बताया कि धनतेरस पर बाजार ठीक रहा। लोगों ने अपेक्षाकृत अधिक खरीदारी की। इस दौरान करीब दस लाख के बर्तन बिके होंगे। इसीक्रम में आभूषणों की दूकानों पर धनतेरस के अवसर पर ज्यातर चांदी के सिक्के, लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, गिन्नी, नेकलेस, झूमका की पूछ रही। इसी तरह अन्य सामानों की दूकानों पर भारी भीड़ रही। सर्राफा व्यवसायी विजय सर्राफ ने बताया कि बताया कि जिले में सर्राफा कारोबार 10 करोड़ होने का अनुमान है। इलेक्ट्रानिक सामान के विक्रेता मूरली गुप्ता ने बताया कि करीब छह लाख रुपये अधिक का बाजार हुआ होगा। विरोध के बाद भी बाजार में चाइनीज झालरों व अन्य रोशनी के सामानों की बिक्री ज्यादा रही। आटो मोबाइल में करीब 13 करोड़ रुपये का कारोबार टू व्हीलरों का हुुआ है। जबकि थ्री व्हीलर, ट्रैक्टर और चार पहिया वाहनों का जिले में पांच करोड़ का कारोबार हुआ।
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