मऊ। जिला प्रशासन आने वाली बाढ़ की समस्या के निपटने के लिए तैयारी में जुट गया है। मंगलवार को
जिलाधिकारी अरुण कुमार ने बाढ़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक की। अधिशासी अभियंता सिंचाई से जनपद में बाढ़ नियंत्रण को लेकर चल रही परियोजनाओं की प्रगति एवं इस वर्ष बाढ़ नियंत्रण को लेकर बाढ़ से पूर्व की गई तैयारियों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि सरयू एवं तमसा नदी के कारण हर साल बारिश के दिनों में घोसी एवं मधुबन तहसील ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में इन तहसीलों में समय रहते सारी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि संयुक्त टीम बनाकर तहसील क्षेत्रों में सर्वाधिक बाढ़ क्षेत्रों का परीक्षण कर एक सप्ताह के अंदर कार्य योजना तैयार करें। अधिशासी अभियंता सिंचाई को जनपद के चार अति संवेदनशील बांधों की शीघ्र मरम्मत करोने एवं खाली सीमेंट की बोरियों का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया। जिससे बाढ़ के दौरान तटबंधों के कटाव की स्थिति रोकने में मदद मिल सके। सभी एसडीएम से उनके क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों एवं बाढ़ शरणालय की स्थितियों की जानकारी ली। सभी अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिया कि वह नगरीय क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति होने पर जल निकासी के लिए पहले से ही पूरी तैयारी रखें। जनपद, तहसील एवं ग्रामीण स्तरीय समितियों के गठन एवं उनके सक्रियता बढ़ाने को कहा। उन्होंने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में गोताखोरों की सूची बनाने और स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग को इंसानों एवं पशुओं में फैलने वाले संक्रामक रोगों से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाएं एवं टीकों का स्टॉक भी रखने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, एडीएम भानु प्रताप सिंह, एसएसपी, सीएमओ, परियोजना निदेशक, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता जल निगम एवं समस्त उपजिलाधिकारी, बीडीओ, तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।