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अंतिम दौर में चल रही करवाचौथ पर्व की तैयारी

Wed, 12 Oct 2022 12:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2022 12:36 AM IST
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Preparations for Karvachauth festival going on in the last round
करवाचौथ व्रत के लिए नगर के सहादतपुरा स्थित दुकान से पूजन के सामानों को खरीदतीं महिलाएं।संवाद - फोटो : MAU
मऊ। पति की दीर्घायु के लिए करवाचौथ पर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। पर्व की तैयारियों को लेकर बाजार गुलजार रहा। महिलाओं के साथ ही दुकानदारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ज्वेलरी, कॉस्मेटिक, पूजा सामान, कपड़ा और गिफ्ट आइटम की दुकानों पर भी काफी भीड़ दिखी। महिलाएं अपने बजट के अनुसार सामानों की खरीदारी करती देखी गईं। करवाचौथ पर्व में एक दिन शेष हैं, लेकिन तैयारी अंतिम दौर में चल रही है। पर्व के मद्देनजर नगर क्षेत्र के मुंशीपुरा, सहादतपुरा, निजामुद्दीनपुरा, आजमगढ़ मोड़, गाजीपुर तिराहा, भीटी अंधा मोड़, बाल निकेतन, सदर चौक, रौजा बाजार, अली बिल्डिंग, संस्कृत पाठशाला, मिर्जाहादीपुरा सहित मुहम्मदाबादगोहना, मधुबन, घोसी, दोहरीघाट, चिरैयाकोट सहित विभिन्न बाजारों में काफी चहल-पहल रही। करवा चौथ पर्व को लेकर महिलाओं में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। महिलाओं के साज-सज्जा के लिए जगह-जगह सजी दुकानों पर काफी संख्या में महिलाएं उमड़ी रही। करवा-चौथ पूजन के लिए खास माने जाने वाले मिट्टी के करवे बाजार में बिक रहे थे। इसके साथ ही मिठाई की दुकानों में भी फैनी, फीकी और मीठी मट्ठी आदि सजाई गई थी। पर्व पर पूजन से संबंधित सामग्री की भी खूब बिक्री दिखी। चूड़ी की दुकानों, ब्यूटी पार्लर, मेंहदी लगाने वालों का व्यवसाय में तेजी दिखी। सर्राफा बाजार में भी अनेक महिलाएं आभूषणों की खरीदारी करतीं दिखाई दी। ब्यूटी पार्लरों में सुहागिनें बुकिंग करा रही थी। घर पर ही मेहंदी लगवाने की बुकिंग ज्यादा दिखी। मुहम्मदाबादगोहना कस्बा निवा पं. विरेंद्र शुक्ल का कहना है कि करवाचौथ बृहस्पतिवार यानि 13 अक्तूबर को मनाया जाएगा। चंद्रोदय रात 8.05 बजे होगा। मान्यता है कि करवाचौथ का व्रत सती सावित्री के समय से शुरू हुआ था। जिस समय यमराज ने सत्यवान के प्राण हर लिए तो उस समय सत्यवान और सावित्री मिट्टी के पात्र से पानी पीने की तैयारी में थे। उस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की चौथ थी। लेकिन पानी ग्रहण करने से पहले ही यमराज सत्यवान के प्राण हर कर ले गए। तब सावित्री भी उनके पीछे पीछे गई और यमराज से अपने पति को बचा कर ले आई। उसके बाद ही सावित्री ने मिट्टी के पात्र से जल ग्रहण किया था। इसी मान्यता के तहत करवाचौथ का पर्व जिले में धूमधाम से मनाया जाएगा।
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