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मांगों को लेकर हड़ताल पर गए बिजली कर्मचारी, हलाकान रही जनता

Mon, 05 Oct 2020 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2020 11:42 PM IST
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Power workers went on strike for demands, the public was stunned
मऊ। मांगों को लेकर बीते एक सितंबर से आंदोलित विद्युत कर्मचारी सोमवार को शीर्ष नेतृत्व के अह्वाहन पर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए। इस दौरान सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक लगातार अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन चला। इस बीच 12 बजे के करीब अचानक शहर क्षेत्र की आपूर्ति ठप हुई तो पूरे दिन बिजली गुल रही। यही हाल ग्रामीणांचल में रहा, कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से जिले में अंधेरे की स्थिति उत्पन्न हो गई था।
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विद्युत आपूर्ति ठप होने से बिजली से चलने वाले सभी उपकरण ठप पड़ गए थे। इस दौरान सड़न भरी गर्मी से लोग जहां परेशान रहें, वहीं पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ा। सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित रहा। हालांकि पूरे दिन कार्यालयों के साथ पूरा शहर जनरेटर के शोरगुल में रहा। सुरक्षा की दृष्टि से बिजली उपकेंद्रों पर पुलिस की तैनाती की गई थी।
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सोमवार को सहादतपुरा स्थित बिजली विभाग कार्यालय में सूर्यदेव पांडेय के नेेतृत्व में बिजली कर्मचारी एकत्रित हुए। सभी विद्युतकर्मी निजीकरण के खिलाफ अपनी एक सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार पर चले गए। इसके चलते जिले के 55 उपकेंद्रों पर सुबह से ही बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर शामिना लगाकर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए सूर्यदेव पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार- उर्जा प्रबंधन कानिजीकरण करने के फिराक में है, ऐसे में इस व्यवस्था के विरोध में बीते एकसितंबर से कर्मचारी आंदोलित है। लेकिन सरकार कर्मचारियों की मांगों को अनसुना करती रही।
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सरकार की हठधर्मिता एवं अड़ियल रवैये के कारण मजबूरी में विद्युत कर्मचारियों ने सोमवार को कार्य बहिष्कार किया। बोले सरकार चंद पूॅजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी उपक्रमों को बेचने का मन बना चुकी है। जो निंदनीय है, कर्मचारी सरकार के इस मंसूबे को परिलक्षित नहीं होने देंगे। बिजली कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार का समर्थन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने किया।
इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष रामाश्रय यादव, किसान मोर्चां के रामसुधार पांडेय, बहुजन क्रांति मोर्चां के जिला संयोजक पेरियार मनोज यादव, बहुजन मुक्ति पार्टी के पूर्व प्रत्याशी विधानसभा घोसी शरद चंद, प्रचारक राष्ट्रीय किसान मोर्चां प्रेमचंद नायक आदि आंदोलन में शामिल होकर अपना समर्थन दिए। कार्य बहिष्कार की अध्यक्षता सूर्यदेव पांडेय ने किया। धरने में अधीक्षण अभियंता एसके सरोज, अधिशासी अभियंता प्रथम सुबोध कुमार, अमित गुप्ता, कमलेश श्रीवास्तव, मिथिलेश यादव, प्रदीप सिंह,सुधीर कुमार, पृथ्वी नाथ, विवेक खरवार, धीरेंद्र यादव, जमुना प्रसाद, वीर बहादुर, रविंद्र सिंह यादव, विकास दूबे, राजकुमार यादव, देवेन्द्र कुमार उपाध्याय, संजय यादव, भानुप्रताप, अरविंद यादव, मनोज कुमार, पुनीत कुमार, पदुमनाथ यादव, सत्यम पांडेय आदि बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।

अर्लट मोड पर रही पुलिस
मऊ। हड़ताल को लेकर कर्मचारियों ने जहां कमर कसे दिखे तो वहीं प्रशासनिक अमला भी अलर्ट पर रहा। सभी महत्वपूर्ण सब स्टेशनों पर शासन के निर्देश पर फोर्स की तैनाती कर दी गई तो वहीं मजिस्ट्रेट भी तैनात कर दिए गए थे। जो समय समय पर केंद्रों पर निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी लेते दिखे।
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