{"_id":"578530b34f1c1b081b13e064","slug":"power-cuts-sub-station-on-the-lock","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली गुल, उपकेंद्र पर ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली गुल, उपकेंद्र पर ताला
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 12 Jul 2016 11:34 PM IST
विज्ञापन
संविदा पर नियुक्त एसएसओ द्वारा रानीपुर उपकेंद्र का ताला बंद कर देने से नाराज ग्रामीण प्रदर्शन करते हुए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विद्युत उप केंद्र पर संविदा पर तैनात एसएसओ सोमवार की शाम उपकेंद्र में ताला बंद कर चला गया, इसकी वजह से सोमवार को पूरी रात क्षेत्र में आपूर्ति ठप रही। लोग उपकेंद्र के अवर अभियंता को फोन कर बिजली न आने का कारण जानने की कोशिश करते रहें। लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। मंगलवार की सुबह नाराज लोग उपकेंद्र पहुंचे। वहां मेनगेट पर ताला बंद देख उनका आक्रोश और बढ़ गया। वहीं गेट पर विरोध प्रदर्शन करने लगे। घंटों बाद एसडीओ एक एसएसओ को लेकर उपकेंद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि यहां पर अब स्थाई रूप से तीन एसएसओ तैनात कर दिए गए हैं, आगे से यहां पर ऐसी घटना नहीं होगी। दोपहर बाद अपराह्न डेढ़ बजे आपूर्ति शुरू होने पर ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ।
बताते चले आपूर्ति के लिए विद्युत उपकेंद्र पर चार फीडर है, इसमें एक पूरबी, दूसरा पश्चिमी, तीसरा उत्तरी और चौथा दक्षिणी फीडर हैं, इस क्षेत्र में शाम आठ बजे से भोर में चार बजे तक तथा सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक बिजली आपूर्ति करने का शेड्यूल है। लेकिन सोमवार की रात काफी देर तक बिजली नहीं आई तो लोग परेशान हो उठे । लोगों ने अवर अभियंता प्रदीप कुशवाहा की सरकारी मोबाइल पर फोन किया। लेकिन वह रिसीव नहीं हुआ। जैसे तैसे लोगों ने रात काटी और सुबह ही उपकेंद्र पर जा धमके। वहां का नजारा देख लोगों के आक्रोश का ठिकाना नहीं रहा। उपकेंद्र के मेन गेट पर ताला बंद रहा। ग्रामीणों ने इस दुर्व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। उन्हें पता चला कि उप केंद्र पर ठेके पर तैनात किया गया संविदा कर्मी शाम से ताला बंद कर गायब है।
ग्रामीणों ने एसडीओ और अधिशासी अभियंता को फोनकर उपकेंद्र पर ताला बंद होने की जानकारी दी। दोपहर बाद लगभग डेढ़ बजे एसडीओ मनोज कुमार शाह अपने साथ एक स्थाई एसएसओ को लेकर उपकेंद्र पर पहुंचे। उन्होंने आनन फानन बिजली आपूर्ति चालू कराया। इसके बाद तो ग्रामीण शांत हुए। इस दौरान 18 घंटे तक क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बंद रही। एसडीओ ने बताया कि अब से इस उपकेंद्र पर स्थाई कर्मचारी के रूप में तीन एसएसओ तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व में यहां तैनात कर्मचारी ठेकेदार का आदमी था, वह किन्हीं कारणों से कहीं चला गया है। उसे काम से हटा दिया गया और ठेकेदार को चेतावनी दे दी गई है कि ऐसे गैर जिम्मेदार व्यक्ति को उपकेंद्र जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर ड्यूटी पर न भेजा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताते चले आपूर्ति के लिए विद्युत उपकेंद्र पर चार फीडर है, इसमें एक पूरबी, दूसरा पश्चिमी, तीसरा उत्तरी और चौथा दक्षिणी फीडर हैं, इस क्षेत्र में शाम आठ बजे से भोर में चार बजे तक तथा सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक बिजली आपूर्ति करने का शेड्यूल है। लेकिन सोमवार की रात काफी देर तक बिजली नहीं आई तो लोग परेशान हो उठे । लोगों ने अवर अभियंता प्रदीप कुशवाहा की सरकारी मोबाइल पर फोन किया। लेकिन वह रिसीव नहीं हुआ। जैसे तैसे लोगों ने रात काटी और सुबह ही उपकेंद्र पर जा धमके। वहां का नजारा देख लोगों के आक्रोश का ठिकाना नहीं रहा। उपकेंद्र के मेन गेट पर ताला बंद रहा। ग्रामीणों ने इस दुर्व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। उन्हें पता चला कि उप केंद्र पर ठेके पर तैनात किया गया संविदा कर्मी शाम से ताला बंद कर गायब है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने एसडीओ और अधिशासी अभियंता को फोनकर उपकेंद्र पर ताला बंद होने की जानकारी दी। दोपहर बाद लगभग डेढ़ बजे एसडीओ मनोज कुमार शाह अपने साथ एक स्थाई एसएसओ को लेकर उपकेंद्र पर पहुंचे। उन्होंने आनन फानन बिजली आपूर्ति चालू कराया। इसके बाद तो ग्रामीण शांत हुए। इस दौरान 18 घंटे तक क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बंद रही। एसडीओ ने बताया कि अब से इस उपकेंद्र पर स्थाई कर्मचारी के रूप में तीन एसएसओ तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व में यहां तैनात कर्मचारी ठेकेदार का आदमी था, वह किन्हीं कारणों से कहीं चला गया है। उसे काम से हटा दिया गया और ठेकेदार को चेतावनी दे दी गई है कि ऐसे गैर जिम्मेदार व्यक्ति को उपकेंद्र जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर ड्यूटी पर न भेजा जाए।
विज्ञापन