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योजना की समय सीमा समाप्त, नहीं हो सकी शत प्रतिशत वसूली
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मऊ। पावर कारपोरेशन की तरफ से बिजली बकाएदारों की सहूलियत के लिए शुुरू की गई एकमुश्त समाधान योजना का लाभ उपभोक्ताओं को मिलता नजर नहीं आ रहा है। योजना का लाभ लेने की समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो गई। लेकिन मात्र 25 हजार उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराकर बकाया बिल जमा किया। जबकि जिले में दो लाख 45 हजार बकाएदार चिह्नित किए गए हैं। इन बकाएदारों पर 560 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है।
एकमुश्त समाधान योजना की समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो गई लेकिन अभी तक बिजली विभाग की टीम महज 25हजार उपभोक्ताओं ने मात्र 12 करोड़ रुपये का बकाया ही जमा करा सकी है। इससे अधिकारियों की चिता बढ़ गई है। इसके पीछे योजना के प्रचार-प्रसार के साथ विभागीय लापरवाही सामने आ रही है। योजना के तहत बकाएदारों का शत प्रतिशत सरचार्ज माफ किया जा रहा था। अन्य तरह की रियायतें भी दी जा रही थी। बकाएदारों को कई किस्तों में बकाया बिल जमा करने की सुविधा थी।
कारपोरेशन के निर्देश पर 21 अक्तूबर से एकमुश्त समाधान योजना का संचालन किया जा रहा था। इसके तहत दो किलोवाट तक घरेलू व पांच किलोवाट तक को बिजली बिल पर सरचार्ज में 100 फीसद तक छूट दी जा रही थी। लेकिन, अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता के चलते 25हजार उपभोक्ताओं ने मात्र 12 करोड़ रुपये का बकाया ही वसूल किया जा सका है। जबकि समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो गई। एकमुश्त समाधान योजना के प्रचार-प्रसार ठीक ढंग से न होने के चलते काफी संख्या में उपभोक्ताओं को इसके बारे में जानकारी नहीं हो सकी है।
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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम अधीक्षण अभियंता एसके सरोज ने बताया कि एक मुश्त समाधान योजना का व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार कराया गया। 25 हजार बकाएदार बिजली उपभोक्ताओं ने 12 करोड़ जमा किया है। समय सीमा समाप्त होने के बाद बिजली बिल बकाया में 548 करोड़ जुड़ जाएगा।
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एकमुश्त समाधान योजना की समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो गई लेकिन अभी तक बिजली विभाग की टीम महज 25हजार उपभोक्ताओं ने मात्र 12 करोड़ रुपये का बकाया ही जमा करा सकी है। इससे अधिकारियों की चिता बढ़ गई है। इसके पीछे योजना के प्रचार-प्रसार के साथ विभागीय लापरवाही सामने आ रही है। योजना के तहत बकाएदारों का शत प्रतिशत सरचार्ज माफ किया जा रहा था। अन्य तरह की रियायतें भी दी जा रही थी। बकाएदारों को कई किस्तों में बकाया बिल जमा करने की सुविधा थी।
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कारपोरेशन के निर्देश पर 21 अक्तूबर से एकमुश्त समाधान योजना का संचालन किया जा रहा था। इसके तहत दो किलोवाट तक घरेलू व पांच किलोवाट तक को बिजली बिल पर सरचार्ज में 100 फीसद तक छूट दी जा रही थी। लेकिन, अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता के चलते 25हजार उपभोक्ताओं ने मात्र 12 करोड़ रुपये का बकाया ही वसूल किया जा सका है। जबकि समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो गई। एकमुश्त समाधान योजना के प्रचार-प्रसार ठीक ढंग से न होने के चलते काफी संख्या में उपभोक्ताओं को इसके बारे में जानकारी नहीं हो सकी है।
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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम अधीक्षण अभियंता एसके सरोज ने बताया कि एक मुश्त समाधान योजना का व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार कराया गया। 25 हजार बकाएदार बिजली उपभोक्ताओं ने 12 करोड़ जमा किया है। समय सीमा समाप्त होने के बाद बिजली बिल बकाया में 548 करोड़ जुड़ जाएगा।