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व्यक्ति की गोली मारकर हत्या
mau news
Updated Thu, 05 Oct 2017 11:37 PM IST
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मर्डर
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुरा कल्यान सागर मुहल्ले में बुधवार की रात बदमाशों ने सोते समय अधेड़ की गोली मारकर हत्या कर दी। परिवार के लोगों के साथ अन्य को इस घटना की जानकारी गुरुवार की सुबह हुई। हत्या के कारण की जानकारी नहीं हो सकी थी।
असलम (48) शहर कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुरा सागर गांव निवासी था। परिवार के सदस्यों के अनुसार मो. असलम अपने मकान के एक कमरे में सोया था। इस दौरान रात को अज्ञात समय बदमाशों ने असलम के सिर पर तमंचा सटाकर फायर कर दिया। गोली लगने से घायल हुए असलम की मौके पर ही मौत हो गई। फायर की आवाज सुनकर एक बार परिवार के लोगों की नीद खुली लेकिन कहीं कोई आवाज आदि न होने पर लोग पटाखा छूटना समझ कर सो गए। सुबह छह बजे के करीब जब असलम कमरे से बाहर नहीं आया, तो परिवारीजन उसे जगाने गए। इस दौरान उसकी खून से लथपथ लाश मिली। यह देख उसके घर पर रोना पीटना मच गया। बाद में सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस मौका मुआयना करने के बाद असलम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी।
सीओ नगर राजकुमार ने बताया कि हत्या के कारण की जानकारी नहीं हो सकी है। लेकिन मृत असलम के भाई अजमल की तहरीर पर थाने में अज्ञात बदमाशों के विरुद्घ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस बात की पुष्टि होगी कि असलम की मौत गोली लगने से या फिर किसी और तरीके से की गई है। पुलिस का तर्क है कि घर के अंदर बाहरी व्यक्ति कैसे घुसकर हत्या की घटना को अंजाम दे सकता है। वैसे जांच जारी है।
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असलम चार भाइयों में सबसे छोटा था। सभी भाई अलग-अलग मकान बनवाकर रहते है। असलम आटा चक्की चलाने के साथ ही लूम लगाया था। जिस कमरे में वह सोया था, उसमें चक्की लगी है। जहां पर असलम सोया था, वहां पर खिड़की का कम हिस्सा खुलता है। बताते चले असलम के आठ संतानों में चार बेटे और चार बेटियां है। बड़ा बेटा नसीम और शमीम जीविकोपार्जन के लिए विदेश रहते हैं। जबकि अन्य बेटे और बेटियां घर पर रहती हैं। विदेश रहने वाले पुत्र नसीम की शादी हो चुकी है। जांच के दौरान नसीम की पत्नी जौहरा खान ने बताया कि फायर की आवाज सुनकर वह अपने कमरे से निकलकर बरामदे तक आई। इस दौरान कोई हलचल नही हुई तो वह पटाखा छूटना समझकर सोने चली गई।
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असलम (48) शहर कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुरा सागर गांव निवासी था। परिवार के सदस्यों के अनुसार मो. असलम अपने मकान के एक कमरे में सोया था। इस दौरान रात को अज्ञात समय बदमाशों ने असलम के सिर पर तमंचा सटाकर फायर कर दिया। गोली लगने से घायल हुए असलम की मौके पर ही मौत हो गई। फायर की आवाज सुनकर एक बार परिवार के लोगों की नीद खुली लेकिन कहीं कोई आवाज आदि न होने पर लोग पटाखा छूटना समझ कर सो गए। सुबह छह बजे के करीब जब असलम कमरे से बाहर नहीं आया, तो परिवारीजन उसे जगाने गए। इस दौरान उसकी खून से लथपथ लाश मिली। यह देख उसके घर पर रोना पीटना मच गया। बाद में सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस मौका मुआयना करने के बाद असलम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी।
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सीओ नगर राजकुमार ने बताया कि हत्या के कारण की जानकारी नहीं हो सकी है। लेकिन मृत असलम के भाई अजमल की तहरीर पर थाने में अज्ञात बदमाशों के विरुद्घ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस बात की पुष्टि होगी कि असलम की मौत गोली लगने से या फिर किसी और तरीके से की गई है। पुलिस का तर्क है कि घर के अंदर बाहरी व्यक्ति कैसे घुसकर हत्या की घटना को अंजाम दे सकता है। वैसे जांच जारी है।
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असलम चार भाइयों में सबसे छोटा था। सभी भाई अलग-अलग मकान बनवाकर रहते है। असलम आटा चक्की चलाने के साथ ही लूम लगाया था। जिस कमरे में वह सोया था, उसमें चक्की लगी है। जहां पर असलम सोया था, वहां पर खिड़की का कम हिस्सा खुलता है। बताते चले असलम के आठ संतानों में चार बेटे और चार बेटियां है। बड़ा बेटा नसीम और शमीम जीविकोपार्जन के लिए विदेश रहते हैं। जबकि अन्य बेटे और बेटियां घर पर रहती हैं। विदेश रहने वाले पुत्र नसीम की शादी हो चुकी है। जांच के दौरान नसीम की पत्नी जौहरा खान ने बताया कि फायर की आवाज सुनकर वह अपने कमरे से निकलकर बरामदे तक आई। इस दौरान कोई हलचल नही हुई तो वह पटाखा छूटना समझकर सोने चली गई।