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दिनभर हुई बारिश से घरों में दुबके रहे लोग
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sat, 03 Jan 2015 11:59 PM IST
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पहली जनवरी से मौसम में आई करवट ने भले ही तापमान में सुधार किया है, लेकिन तीन दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश से गलियों और सड़कों पर कीचड़ फैल गया है।
खासकर शुक्रवार की रात से हो रही बारिश शनिवार को दिन भर रुलाती रही। हल्की बारिश से गांवों से लेकर कसबों और जिला मुख्यालय तक जरूरी कामों को लेकर लोगों को बाहर निकलने में काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या काफी कम रही। दिन में कुछ ही क्षणों के लिए सूरज के दर्शन हुए और फिर बादलों में छिप गए। मंडियों में सब्जियों का अकाल रहा, थोक व्यवसायियों ने बाहर से सब्जियां नहीं मंगवाई।
जिले के समूचे क्षेत्र में शुक्रवार की रात से ही रुक रुक कर बारिश होते रहने का सिलसिला शनिवार को भी दिन भर जारी रहा। इसके चलते आम जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा। दिहाड़ी मजदूर हाथ पर हाथ धरे छिपे रहे।
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बाजारों में फुटपाथ पर सजने वाली दूकानें सिमटी रहीं। ठेले-खोमचे वालों पर भी दिन भारी बीता। लोगों को मंजिल तक पहुंचाने वाले रिक्शा चालक बारिश के बीच खुद अपने रिक्शे पर दुबके रहे।
बारिश की वजह से सार्वजनिक स्थानों पर जलने वाले अलाव के आंच भी ठंडे पड़े रहे, जिससे मार्गों पर आवागमन करने वाले लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल सकी।
सड़कों पर किचकिच होने से राहगीरों को तरह-तरह की परेशानियां उठानी पड़ी। बारिश से रोडवेज, प्राइवेट बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की कमी देखी गई। कम ही लोग बाहर निकले।
खेती किसानी का कार्य भी प्रभावित होने से किसान परेशान रहे। इस वर्षा से गेहूं , चना , जौ आदि रबी की फसलों की सिंचाई की जरूरत तो पूरी नहीं हो सकी लेकिन कुछ राहत जरूर मिली है।
हालांकि टमाटर, गोभी, पात गोभी, धनिया, हरी मिर्च और आलू आदि की फसलों पर इस वर्षा का दुष्प्रभाव भी हुआ। सब्जी मंडी में सब्जियों के भाव आसमान पर पहुंच गए। थोक सब्जी मंडी में तो सब्जियों की आवक ही नहंी हुई। खुदरा सब्जी विक्रेताओं की दुकानों पर भी सब्जियों का अभाव रहा।
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खासकर शुक्रवार की रात से हो रही बारिश शनिवार को दिन भर रुलाती रही। हल्की बारिश से गांवों से लेकर कसबों और जिला मुख्यालय तक जरूरी कामों को लेकर लोगों को बाहर निकलने में काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या काफी कम रही। दिन में कुछ ही क्षणों के लिए सूरज के दर्शन हुए और फिर बादलों में छिप गए। मंडियों में सब्जियों का अकाल रहा, थोक व्यवसायियों ने बाहर से सब्जियां नहीं मंगवाई।
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जिले के समूचे क्षेत्र में शुक्रवार की रात से ही रुक रुक कर बारिश होते रहने का सिलसिला शनिवार को भी दिन भर जारी रहा। इसके चलते आम जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त रहा। दिहाड़ी मजदूर हाथ पर हाथ धरे छिपे रहे।
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बाजारों में फुटपाथ पर सजने वाली दूकानें सिमटी रहीं। ठेले-खोमचे वालों पर भी दिन भारी बीता। लोगों को मंजिल तक पहुंचाने वाले रिक्शा चालक बारिश के बीच खुद अपने रिक्शे पर दुबके रहे।
बारिश की वजह से सार्वजनिक स्थानों पर जलने वाले अलाव के आंच भी ठंडे पड़े रहे, जिससे मार्गों पर आवागमन करने वाले लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल सकी।
सड़कों पर किचकिच होने से राहगीरों को तरह-तरह की परेशानियां उठानी पड़ी। बारिश से रोडवेज, प्राइवेट बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की कमी देखी गई। कम ही लोग बाहर निकले।
खेती किसानी का कार्य भी प्रभावित होने से किसान परेशान रहे। इस वर्षा से गेहूं , चना , जौ आदि रबी की फसलों की सिंचाई की जरूरत तो पूरी नहीं हो सकी लेकिन कुछ राहत जरूर मिली है।
हालांकि टमाटर, गोभी, पात गोभी, धनिया, हरी मिर्च और आलू आदि की फसलों पर इस वर्षा का दुष्प्रभाव भी हुआ। सब्जी मंडी में सब्जियों के भाव आसमान पर पहुंच गए। थोक सब्जी मंडी में तो सब्जियों की आवक ही नहंी हुई। खुदरा सब्जी विक्रेताओं की दुकानों पर भी सब्जियों का अभाव रहा।