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घाघरा में उफान से सहमे तटवर्ती गांवों के लोग
mau
Updated Mon, 03 Sep 2018 10:59 PM IST
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दोहरीघाट में शाही मस्जिद के किनारे तक आ पहुंची घाघरा की लहरें।
- फोटो : mau
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घाघरा नदी में घटाव के बाद सोमवार को एकाएक उफान आने से कस्बा सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों के माथे पर एक बार फिर चिंता की लकीर दिखाई दे रही है। नदी के उग्र होने के आसार से लोगों की नींद उड़ गई है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।नवली बंधे पर रिसाव होने से बंधे पर खतरा मंडराने लगा है।
कई दिनों से घट रही घाघरा में एकाएक उफान आने से तटवर्ती इलाकों में बेचैनी बढ़ गई है। घाघरा के बार-बार घटने तथा बढ़ने के क्रम से नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। नदी के रूप कब उग्र रुप धारण कर लेगी। इस आशंका से लोग सहमे हुए हैं। गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जलस्तर सोमवार को 70.35 मीटर रहा। जबकि रविवार को जलस्तर 70.30 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर पांच सेमी बढ़ा।
अब नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 45 सेमी ऊपर बह रही है। नदी की विकराल उफनाती लहरे भारत माता मंदिर, शवदाह घाट, सरस्वती मंदिर,खाकी बाबा की कुटी,रामजानकी घाट, दुर्गा मंदिर तथा डीह बाबा के मंदिर की दीवारों टक्कर मार रही है।जिससे इन ऐतिहासिक धरोहरो पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
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सर्वाधिक खतरा खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर व डीह बाबा मंदिर पर है। घाघरा के तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, बीबीपुर, कोरौली, ठाकुरगाव, बहादुरपुर, बेलौली, रसुलपुर, सूरजपुर, ठिकरहिया, पाऊस सहित विभिन्न गांवों की हजारों एकड़ फसल अभी भी पानी मे डूबी हुई हैं। पानी मे डूबे रहने से फसलों के बर्बाद होने से किसान चिंतित है। नवली रिंग बांध पर रिसाव होने से बंधे पर खतरा मंडराने लगा है।
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कई दिनों से घट रही घाघरा में एकाएक उफान आने से तटवर्ती इलाकों में बेचैनी बढ़ गई है। घाघरा के बार-बार घटने तथा बढ़ने के क्रम से नगर सहित तटवर्ती इलाकों के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। नदी के रूप कब उग्र रुप धारण कर लेगी। इस आशंका से लोग सहमे हुए हैं। गौरीशंकर घाट पर घाघरा का जलस्तर सोमवार को 70.35 मीटर रहा। जबकि रविवार को जलस्तर 70.30 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर पांच सेमी बढ़ा।
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अब नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 45 सेमी ऊपर बह रही है। नदी की विकराल उफनाती लहरे भारत माता मंदिर, शवदाह घाट, सरस्वती मंदिर,खाकी बाबा की कुटी,रामजानकी घाट, दुर्गा मंदिर तथा डीह बाबा के मंदिर की दीवारों टक्कर मार रही है।जिससे इन ऐतिहासिक धरोहरो पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
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सर्वाधिक खतरा खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर व डीह बाबा मंदिर पर है। घाघरा के तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर, नई बाजार, नवली, बीबीपुर, कोरौली, ठाकुरगाव, बहादुरपुर, बेलौली, रसुलपुर, सूरजपुर, ठिकरहिया, पाऊस सहित विभिन्न गांवों की हजारों एकड़ फसल अभी भी पानी मे डूबी हुई हैं। पानी मे डूबे रहने से फसलों के बर्बाद होने से किसान चिंतित है। नवली रिंग बांध पर रिसाव होने से बंधे पर खतरा मंडराने लगा है।