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निजी अस्पताल बंद रहने से मरीज बेहाल

Sat, 02 Apr 2022 10:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 10:39 PM IST
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Patients suffering due to private hospital being closed
कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर आईएमए के तत्वावधान में धरना प्रदर्शन करते चिकित्सक।संवाद - फोटो : MAU
मऊ। राजस्थान में महिला चिकित्सक के आत्महत्या के दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की हड़ताल के चलते जहां मरीजों की तकलीफ बढ़ गई, वहीं तीमारदार भी परेशान हुए। निजी अस्पतालों के बंद रहने से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या ज्यादा रही। इससे पहले आईएमए के सभी चिकित्सक जिला अस्पताल में एकत्रित हुए, इसके बाद जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए तीन घंटे तक धरना-प्रर्दशन किया। वहीं देर शाम चिकित्सकों ने मृत चिकित्सक को श्रद्धांजलि देने के लिए कैडिंल मार्च निकाला।
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आईएमए की हड़ताल से शनिवार को मरीज को लेकर तीमारदार परेशान रहे। हड़ताल को लेकर पूर्व से जानकारी न होने के चलते मरीज का इलाज कराने के लिए दिनभर इधर-उधर भटकते रहे। उधर, हड़ताल के चलते निजी नर्सिंग होम्स तथा अस्पताल की ओपीडी में दिनभर बंद रही। उससे जिला अस्पताल के साथ ही प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भीड़ रही। उधर, शुक्रवार को प्राइवेट अस्पतालों की हड़ताल के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग पहले से अलर्ट मोड पर था, ऐसे में सरकारी अस्पतालों में पहले से इंतजाम कर लिए गए थे, बावजूद मरीजों का दबाव ज्यादा होने से लोगों को अपनी बारी के लिए देर तक इंतजार करना पड़ा। इससे पहले सुबह दस बजे आईएमए अध्यक्ष डॉ. गंगा सागर सिंह के नेतृत्व में डॉक्टर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां राजस्थान के दौसा में महिला चिकित्सक की आत्महत्या को उकसाने वाले दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। इसके बाद चिकित्सक जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां मृत महिला चिकित्सक पर मनबढ़ किस्म के लोगों के दबाव में आकर मुकदमा दर्ज करने की निंदा करते हुए आत्महत्या को उकसाने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। तीन घंटे तक चिकित्सकों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांग को लेकर मुखर रहे। इस दौरान आईएमए अध्यक्ष डॉ. गंगासागर सिंह, डॉ. सत्यानंद राय, डॉ. एसएन राय, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. संजय सिंह, डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. जेडआई उस्मानी, डॉ. पवन मद्देशिया, डॉ. एके रंजन, डॉ. सीएस साहनी, महिला कुसुम वर्मा, डॉ. नलिनी सिंह, डॉ. प्रतिमा सिंह आदि मौजूद रहे।
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आईएमए ने जताया विरोध
मऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुद्दे को लेकर बैठक कर निंदा की। अध्यक्ष गंगा सागर सिंह ने कहा कि शासन-प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग के विरुद्ध जाकर स्थानीय नेता तथा दबंग किस्म के लोगों में दबाव में एक प्रसूता की मौत पर आईपीसी धारा 302 के तहत चिकित्सक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया, जो कि न्यायसंगत नहीं है। वहीं, डॉ. संजय सिंह ने कहा कि महिला चिकित्सक ने अपने खिलाफ इस तरह के अन्याय से आहत होकर आत्महत्या कर ली। मांग की डॉक्टर को आत्महत्या के प्रति उकसाने वाले के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
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सरकारी अस्पतालों में रही मरीजों की भीड़
मऊ। शहर के सभी निजी अस्पतालों की ओपीडी बंद रहने का सीधा असर जिला अस्पताल में दिखा। यहां पिछले दिनों की तुलना में ओपीडी की संख्या में बढ़े मरीज पहुंचे। अचानक मरीजों के पहुंचने के चलते लोगों को घंटों तक अपना नंबर आने का इंतजार करना पड़ा। शनिवार को ओपीडी 650 तक पहुंच गई।
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