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Mau News: बेसमेंट में कागजों पर पार्किंग, हकीकत में चल रही दुकानें
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मऊ। शासन के निर्देश के बाद भी शहर के कई कांपलेक्स और प्रतिष्ठानों के बेसमेंट में दुकानें चलाई जा रही हैं। कागजों पर इन प्रतिष्ठानों ने पार्किंग दिखाई है लेकिन बेसमेंट में दुकानें चलती हैं। ऐसे में पार्किंग स्थल न होने पर ग्राहक अपने वाहन सड़क किनारे खड़ा करते हैं जो दिन भर जाम का सबब बनते हैं।
साढ़े तीन लाख से ज्यादा आबादी वाले मऊ नगर क्षेत्र में वाहन पार्किंग की सुविधा केवल कागजों पर है। नगर के गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़ बाजार, रोडवेज, सदर चौक, सिंधी कॉलोनी, मिर्जाहादीपुरा तिराहा सहित अन्य जगहों पर बड़ी संख्या में कांपलेक्स, निजी प्रतिष्ठान हैं। इनमें अधिकांश ने कागजों पर तो अंडरग्राउंड यानी बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दर्शाई है, लेकिन हकीकत में यहां दुकानें चलती हैं। ऐसे में यहां आने वाले उपभोक्ता अपने वाहनों को सड़क किनारे ही पार्क करते हैं, जो कि जाम का सबब बनते हैं। सबसे ज्यादा समस्या आजमगढ़ मोड़ से लेकर रोडवेज तक है। यहां सड़क के दोनों ओर दो पहिया-चार पहिया वाहनों के पार्क होने से चौड़ी सड़क भी संकरी नजर आती है। इसके चलते सुबह 11 बजे से शाम नौ बजे तक रुक-रुक जाम की समस्या बनती रहती है।
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कागजों पर हो रहा नियम का पालन
नियमों की बात करें तो कांपलेक्स, मार्केट के व्यावसायिक भवनों में पार्किंग के लिए जगह छोड़ना कानूनी तौर पर अनिवार्य है। शहर में कई ऐसे प्रतिष्ठान हैं, जिन्होंने वाहन पार्किंग के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण विभाग से बेसमेंट का मानचित्र पास कराया है। लेकिन, बेसमेंट में कांपलेक्स स्वामियों ने अवैध रूप से दुकानों का निर्माण करा लिया है। पार्किंग नहीं होने से ग्राहकों को सड़क पर वाहन खड़े होने के लिए मजबूर होना पड़ता है,-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
कोट
नगरपालिका क्षेत्र में जल्द ही अतिक्रमण अभियान चलाया जाएगा। बेसमेंट में दुकान संचालित करने का मामला सिटी मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में आता है।
- दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका
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साढ़े तीन लाख से ज्यादा आबादी वाले मऊ नगर क्षेत्र में वाहन पार्किंग की सुविधा केवल कागजों पर है। नगर के गाजीपुर तिराहा, आजमगढ़ मोड़ बाजार, रोडवेज, सदर चौक, सिंधी कॉलोनी, मिर्जाहादीपुरा तिराहा सहित अन्य जगहों पर बड़ी संख्या में कांपलेक्स, निजी प्रतिष्ठान हैं। इनमें अधिकांश ने कागजों पर तो अंडरग्राउंड यानी बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दर्शाई है, लेकिन हकीकत में यहां दुकानें चलती हैं। ऐसे में यहां आने वाले उपभोक्ता अपने वाहनों को सड़क किनारे ही पार्क करते हैं, जो कि जाम का सबब बनते हैं। सबसे ज्यादा समस्या आजमगढ़ मोड़ से लेकर रोडवेज तक है। यहां सड़क के दोनों ओर दो पहिया-चार पहिया वाहनों के पार्क होने से चौड़ी सड़क भी संकरी नजर आती है। इसके चलते सुबह 11 बजे से शाम नौ बजे तक रुक-रुक जाम की समस्या बनती रहती है।
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कागजों पर हो रहा नियम का पालन
नियमों की बात करें तो कांपलेक्स, मार्केट के व्यावसायिक भवनों में पार्किंग के लिए जगह छोड़ना कानूनी तौर पर अनिवार्य है। शहर में कई ऐसे प्रतिष्ठान हैं, जिन्होंने वाहन पार्किंग के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण विभाग से बेसमेंट का मानचित्र पास कराया है। लेकिन, बेसमेंट में कांपलेक्स स्वामियों ने अवैध रूप से दुकानों का निर्माण करा लिया है। पार्किंग नहीं होने से ग्राहकों को सड़क पर वाहन खड़े होने के लिए मजबूर होना पड़ता है,
कोट
नगरपालिका क्षेत्र में जल्द ही अतिक्रमण अभियान चलाया जाएगा। बेसमेंट में दुकान संचालित करने का मामला सिटी मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में आता है।
- दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका