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मौसम बदलाव से बढ़ा बीमारियों का प्रकोप

Wed, 07 Jul 2021 10:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jul 2021 10:36 PM IST
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Outbreak of diseases increased due to climate change
मऊ जून माह में लगातार अच्छी बारिश के बाद इधर कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। मौसम का यह बदलाव लोगों के लिए तमाम दुश्वारियां लेकर आया है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग खांसी, बुखार, घबराहट और अन्य तमाम बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। कई दिनों से हो रही बिजली कटौती से लोग त्रस्त हैं।
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मौसम बदलाव से नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में गर्मी व उमस से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। रात में लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं। आए दिन परेशान उपभोक्ता प्रदर्शन करने लगे हैं। बुधवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। धूप छांव होता रहा। उमस का पहरा बरकरार रहा। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। 11 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। अस्पतालों में वायरल फीवर, डायरिया सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों 250 मरीजों का इलाज किया जाता है। पहले यह संख्या 150 थी। चिकित्सक धूप व गर्मी से बचने की सलाह दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि उमस बढ़ने से दिनभर लोगों के पसीने छूटते रहे। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी इस मौसम में परेशान नजर आए। बिजली कटौती से लोगों का बुरा हाल रहा।
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इस संबंध में जिला अस्पताल में तैनात फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना था कि मौसम के बदलने तापमान में आने वाले बदलाव के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे बुखार के बैक्टीरिया आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। जूस और कैफीन रहित चाय का सेवन करें। फलों में एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं, जिनका सेवन करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। डायरिया या उल्टी की शिकायत होने की स्थिति मेें इलेक्ट्राल का सेवन करना चाहिए। नीबू, लैमनग्रास, पुदीना, साग, शहद आदि भी फायदेमंद हो सकते हैं। इसके बाद यदि राहत न मिले तो नजदीक के चिकित्सक से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।
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