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आपरेशन कायाकल्प
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मऊ। सरकार की तरफ से शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत वर्ष 2020-21 में नगर के तीन परिषदीय विद्यालयों का सुंदरीकरण कराने के लिए लगभग 23 लाख रुपया स्वीकृत किया गया था। लेकिन अभी तक एक भी विद्यालय के काम को पूरा नहीं किया जा सका है। जबकि नए वित्तीय वर्ष का चौथा माह चल रहा है।
नगर क्षेत्र में 38 परिषदीय विद्यालयों में लगभग चार हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से नगर के परिषदीय विद्यालयों को समस्त बुनियादी सुविधाएं बहाल करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू की गई। ऑपरेशन कायाकल्प योजना की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में वर्ष जुलाई 2020 में ऑपरेशन कायाकल्प योजना शुरू की गई। शासन ने 14 पैरामीटर्स निर्धारित किए हैं। इसके मुताबिक ही विद्यालयों में निर्माण कार्य कराया जाना है। वर्ष 2020-21 में आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत कंपोजिट स्कूल रस्तीपुर, कंपोजिट स्कूल रामपुर चकिया, प्राथमिक विद्यालय युसूफपुरा,उच्च प्राथमिक विद्यालय मुगलपुरा, कंपोजिट स्कूल ख्वाजाजहांपुर सहित आठ विद्यालयों का चयन किया गया था।
बजट की कमी के चलते कंपोजिट स्कूल रामपुर चकिया, प्राथमिक विद्यालय युसूफपुरा तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय मुगलपुरा के लिए ही 23 लाख रुपया जारी हो सका। वर्ष 2021-22 वित्तीय सत्र का चौथा माह चल रहा है, लेकिन अब तक एक भी विद्यालय को संतृप्त नहीं किया जा सका है।
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इस बाबत योजना के नोडल अधिकारी तथा जिला समन्वयक निर्माण अजीत तिवारी का कहना है कि शहर के परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों को नगर पालिका परिषद के माध्यम से कराया जाना है। निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। जिलाधिकारी के माध्यम से नगर पालिका को पत्र भेजा जाएगा। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत कराए जा रहे कार्य के दौरान समस्या आ रही है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
कायाकल्प योजना का है 14 मानक
मऊ। शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल, बालक शौचालय, बालिका शौचालय, दिव्यांग सुलभ शौचालय, रसोईघर का टाइलीकरण, कक्षों की फर्श का टाइलीकरण, विद्यालय परिसर में दिव्यांग सुलभ रैंप एवं रैलिंग, विद्यालय का विद्युत संयोजन, शौचालय, मूत्रालय में नल जल आपूर्ति, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, श्यामपट्ट, विद्यालय की समुचित रंगाई, पुताई, कक्षों में उपयुक्त वायरिंग और विद्युत उपकरण शामिल हैं।
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नगर क्षेत्र में 38 परिषदीय विद्यालयों में लगभग चार हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से नगर के परिषदीय विद्यालयों को समस्त बुनियादी सुविधाएं बहाल करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू की गई। ऑपरेशन कायाकल्प योजना की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में वर्ष जुलाई 2020 में ऑपरेशन कायाकल्प योजना शुरू की गई। शासन ने 14 पैरामीटर्स निर्धारित किए हैं। इसके मुताबिक ही विद्यालयों में निर्माण कार्य कराया जाना है। वर्ष 2020-21 में आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत कंपोजिट स्कूल रस्तीपुर, कंपोजिट स्कूल रामपुर चकिया, प्राथमिक विद्यालय युसूफपुरा,उच्च प्राथमिक विद्यालय मुगलपुरा, कंपोजिट स्कूल ख्वाजाजहांपुर सहित आठ विद्यालयों का चयन किया गया था।
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बजट की कमी के चलते कंपोजिट स्कूल रामपुर चकिया, प्राथमिक विद्यालय युसूफपुरा तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय मुगलपुरा के लिए ही 23 लाख रुपया जारी हो सका। वर्ष 2021-22 वित्तीय सत्र का चौथा माह चल रहा है, लेकिन अब तक एक भी विद्यालय को संतृप्त नहीं किया जा सका है।
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इस बाबत योजना के नोडल अधिकारी तथा जिला समन्वयक निर्माण अजीत तिवारी का कहना है कि शहर के परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों को नगर पालिका परिषद के माध्यम से कराया जाना है। निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। जिलाधिकारी के माध्यम से नगर पालिका को पत्र भेजा जाएगा। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत कराए जा रहे कार्य के दौरान समस्या आ रही है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
कायाकल्प योजना का है 14 मानक
मऊ। शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल, बालक शौचालय, बालिका शौचालय, दिव्यांग सुलभ शौचालय, रसोईघर का टाइलीकरण, कक्षों की फर्श का टाइलीकरण, विद्यालय परिसर में दिव्यांग सुलभ रैंप एवं रैलिंग, विद्यालय का विद्युत संयोजन, शौचालय, मूत्रालय में नल जल आपूर्ति, मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, श्यामपट्ट, विद्यालय की समुचित रंगाई, पुताई, कक्षों में उपयुक्त वायरिंग और विद्युत उपकरण शामिल हैं।