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23 लाख की आबादी पर एक रेडियोलॉजिस्ट, वह भी छुट्टी पर
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मऊ। कोरोना संक्रमण के नए वेरीयंट से ओमिक्रॉन से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क रहने का दावा कर रहा है लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर हैं। हालात यह है कि 23 लाख से ज्यादा आबादी वाले मऊ जनपद के 100-100 बेड के दो बड़े सरकारी सहित 10 सीएचसी अस्पतालों में केवल जिला अस्पताल में ही रेडियोलॉजास्टि की तैनाती है। लेकिन इस तैनात रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति को मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा। दरअसल तैनाती के बाद से रेडियोलॉजिस्ट वहां नियमित रूप से नहीं मिलते वहीं वह बीते एक दिसंबर से एक माह के अवकाश पर चले गये हैं।
उधर जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के होने की जानकारी मिलने पर मरीज इस उम्मीद में अस्पताल पहुंच रहे है, लेकिन मायूस होकर निजी अस्पताल या लैब में पहुंचकर जांच कराने को बाध्य हो रहे है। हालांकि इस मनमाने रवैया को लेकर सीएमएस का दावा है कि उन्होंने इस मामले को एक पत्र के माध्यम से एडी हेल्थ को बताते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गई है।
100 बेड के जिला अस्पताल में जून 2018 से ही रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली था। ऐसे में मरीज यहां आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड या दूसरी जांच कराने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में अधिकांश महिला मरीज महिला अस्पताल पहुंचकर जांच कराती थी, लेकिन इस अस्पताल में बीते डेढ़ साल से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। वहीं जिला अस्पताल में मार्च 2021 में रेडियोलाजिस्ट की तैनाती तो शासन स्तर से की गई, लेकिन इसके बाद भी जांच की सुविधा मरीजों को मिलती नहीं दिख रही है।
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रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तैनात डॉक्टर बीते एक से 31 दिसंबर तक अवकाश पर चले गए है। इससे पहले भी वह नियमित रूप से अपने कक्ष में नहीं बैठते थे। जबकि प्रतिदिन जिला अस्पताल के ओपीडी में पहुंचने वाले 500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें 100 से 125 मरीज ऐसे होते हैं जिनकी सिटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासांउड जांच की जरूरत होती है। 30-40 मरीज मेडिको लीगल वाले होते हैं। वर्तमान में डाक्टर न होने से मेडिको लीगल वाले मरीजों को सीटी स्कैन के लिए आजमगढ़ और एक्सरे के लिए बलिया रेफर किया जा रहा है।
टेली रेडियोलॉजी से मिल रही राहत
मऊ। जिले के नौ सामुदायिक तथा एक अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से मरीजों को होनी वाली समस्या को देखते हुए शासन ने तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र फतेहपुर मंडाव, रतनपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना में टेली रेडियोलॉजी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टेेली रेडियोलॉजी से मरीजों की जांच की जा रही है। लेकिन टेली रेडियोलाजी जांच मेडिको लीगल में मान्य नहीं है। इन तीनों सीएचसी में प्रतिमाह एक हजार से ज्यादा मरीजों की टेली रेडियोलॉजी से जांच की जाती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृज कुमार ने बताया कि रेडियोलाजिस्ट एक माह के अवकाश पर चले गए हैं। लापरवाही की शिकायत मिलती रहती है। रेडियोलाजिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य को पत्र भेजा गया है।
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उधर जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के होने की जानकारी मिलने पर मरीज इस उम्मीद में अस्पताल पहुंच रहे है, लेकिन मायूस होकर निजी अस्पताल या लैब में पहुंचकर जांच कराने को बाध्य हो रहे है। हालांकि इस मनमाने रवैया को लेकर सीएमएस का दावा है कि उन्होंने इस मामले को एक पत्र के माध्यम से एडी हेल्थ को बताते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की गई है।
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100 बेड के जिला अस्पताल में जून 2018 से ही रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली था। ऐसे में मरीज यहां आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड या दूसरी जांच कराने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में अधिकांश महिला मरीज महिला अस्पताल पहुंचकर जांच कराती थी, लेकिन इस अस्पताल में बीते डेढ़ साल से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। वहीं जिला अस्पताल में मार्च 2021 में रेडियोलाजिस्ट की तैनाती तो शासन स्तर से की गई, लेकिन इसके बाद भी जांच की सुविधा मरीजों को मिलती नहीं दिख रही है।
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रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तैनात डॉक्टर बीते एक से 31 दिसंबर तक अवकाश पर चले गए है। इससे पहले भी वह नियमित रूप से अपने कक्ष में नहीं बैठते थे। जबकि प्रतिदिन जिला अस्पताल के ओपीडी में पहुंचने वाले 500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें 100 से 125 मरीज ऐसे होते हैं जिनकी सिटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासांउड जांच की जरूरत होती है। 30-40 मरीज मेडिको लीगल वाले होते हैं। वर्तमान में डाक्टर न होने से मेडिको लीगल वाले मरीजों को सीटी स्कैन के लिए आजमगढ़ और एक्सरे के लिए बलिया रेफर किया जा रहा है।
टेली रेडियोलॉजी से मिल रही राहत
मऊ। जिले के नौ सामुदायिक तथा एक अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रेडियोलॉजिस्ट की कमी है। रेडियोलॉजिस्ट न होने से मरीजों को होनी वाली समस्या को देखते हुए शासन ने तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र फतेहपुर मंडाव, रतनपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना में टेली रेडियोलॉजी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टेेली रेडियोलॉजी से मरीजों की जांच की जा रही है। लेकिन टेली रेडियोलाजी जांच मेडिको लीगल में मान्य नहीं है। इन तीनों सीएचसी में प्रतिमाह एक हजार से ज्यादा मरीजों की टेली रेडियोलॉजी से जांच की जाती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बृज कुमार ने बताया कि रेडियोलाजिस्ट एक माह के अवकाश पर चले गए हैं। लापरवाही की शिकायत मिलती रहती है। रेडियोलाजिस्ट के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य को पत्र भेजा गया है।