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Mau News: पश्चिम बंगाल का निवास प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर एक लाख हड़पे, दारोगा और बेटे के विरुद्ध प्राथमिकी

Tue, 28 Apr 2026 12:04 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:04 AM IST
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One lakh rupees were robbed in the name of getting a residence certificate of West Bengal, FIR was lodged against the inspector and his son.
पश्चिम बंगाल का निवास प्रमाणपत्र बनवाकर पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर रंजीत राम से एक लाख रुपये हड़प लिए गए। आरोप है कि पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी नौकरी न मिलने पर जब उसने रुपये वापस मांगा तो बलवंत और उसके दरोगा पिता स्वामीनाथ सिंह ने गाली-गलौज की।
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कोर्ट के आदेश पर हलधरपुर थाना पुलिस ने रविवार शाम प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी के अनुसार, बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर निवासी बलवंत सिंह से रंजीत की मुलाकात हुई थी।
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बलवंत ने कहा कि उसके पिता स्वामीनाथ सिंह सीआरपीएफ में दारोगा हैं। वर्ष 2020 में एसएससी जीडी में भर्ती होनी थी। उसने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल का निवास और जाति प्रमाणपत्र बन जाए तो उसके पिता नौकरी लगवा देंगे।
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संपर्क करने पर स्वामीनाथ सिंह ने एक लाख रुपये में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर जिले से जाति और निवास प्रमाणपत्र बनवाकर एसएससी जीडी में भर्ती कराने की बात कही। विश्वास में आकर रंजीत ने 2 फरवरी 2020 को 40 हजार रुपये नकद, 4 फरवरी 2020 को 30 हजार रुपये और 10 फरवरी 2020 को 30 हजार रुपये स्वामीनाथ के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
कुछ समय बाद संपर्क करने पर स्वामीनाथ ने कहा कि एसएससी जीडी भर्ती पर रोक लग गई है, यह वर्ष 2024 में आएगी, उसी समय प्रमाणपत्र बनवाया जाएगा। रंजीत वर्ष 2020 से जुलाई 2024 तक इंतजार करता रहा। जुलाई 2024 के बाद स्वामीनाथ सिंह ने कहा कि अभी भर्ती नहीं हो रही है, जब भर्ती शुरू होगी तभी काम हो जाएगा।

5 सितंबर 2025 की शाम लगभग छह बजे बलवंत सिंह अपने मामा के घर रतनपुरा बाजार आया था। रंजीत ने उसे रोककर पैसे लौटाने को कहा, लेकिन उसने पैसे देने से मना कर दिया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली देकर भगा दिया। थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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