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Mau News: बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर महाविद्यालय स्तर पर भी चलेगा संपर्क अभियान
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अब बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की तरह महाविद्यालय स्तर पर भी छात्र संख्या बढ़ाने के लिए संपर्क अभियान चलाया जाएगा। महाविद्यालय के शिक्षक और अन्य स्टाफ 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इंटर कॉलेजों में जाकर संपर्क करेंगे।
यहां पढ़ाई पूरी कर चुके छात्र-छात्राओं को कॉलेज में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शासन की ओर से सहायता प्राप्त और राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को इसके लिए पत्र जारी किया गया है।
जिले में तीन राजकीय, चार सहायता प्राप्त और 150 से अधिक निजी महाविद्यालय हैं। शासन की तरफ से राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए कवायद तेज हो गई है।
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महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर अब महाविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
महाविद्यालय के 15 किलोमीटर के दायरे में इंटर कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से संपर्क करना होगा। इसके लिए प्रवेश उत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करनी होगी।
इस अभियान के साक्ष्य काउंसलिंग की फोटो, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए छात्र संख्या में वृद्धि की सूचना क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी। शासन स्तर से महाविद्यालयों में छात्र संख्या की वृद्धि का मूल्यांकन भी किया जाएगा। ऐसे में शिक्षक से लेकर अन्य स्टाफ की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
नए शिक्षण सत्र के साथ महाविद्यालय स्तर पर संपर्क अभियान तेज कर दिया गया है। इस बाबत डीसीएसके पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शर्वेश पांडेय ने बताया कि महाविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए इंटर कॉलेजों में संपर्क करने के लिए निदेशालय से पत्र मिला है।
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यहां पढ़ाई पूरी कर चुके छात्र-छात्राओं को कॉलेज में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शासन की ओर से सहायता प्राप्त और राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को इसके लिए पत्र जारी किया गया है।
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जिले में तीन राजकीय, चार सहायता प्राप्त और 150 से अधिक निजी महाविद्यालय हैं। शासन की तरफ से राजकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए कवायद तेज हो गई है।
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महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों की तर्ज पर अब महाविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
महाविद्यालय के 15 किलोमीटर के दायरे में इंटर कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से संपर्क करना होगा। इसके लिए प्रवेश उत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करनी होगी।
इस अभियान के साक्ष्य काउंसलिंग की फोटो, ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए छात्र संख्या में वृद्धि की सूचना क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को दी जाएगी। शासन स्तर से महाविद्यालयों में छात्र संख्या की वृद्धि का मूल्यांकन भी किया जाएगा। ऐसे में शिक्षक से लेकर अन्य स्टाफ की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
नए शिक्षण सत्र के साथ महाविद्यालय स्तर पर संपर्क अभियान तेज कर दिया गया है। इस बाबत डीसीएसके पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शर्वेश पांडेय ने बताया कि महाविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए इंटर कॉलेजों में संपर्क करने के लिए निदेशालय से पत्र मिला है।